डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रभुदयाल के नेतृत्व की टीम ने सफीदों में गैर कानूनी तौर पर गर्भपात करने के आरोप में आरोप में अस्पताल संचालक, स्टाफ व दलालों सहित 12 पर केस दर्ज करवाया है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रभु दयाल ने सफीदों थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि लीलावती अस्पताल में गर्भपात का गोरखधंधा चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग कई दिनों से जांच में लगा हुआ था।
विभाग ने कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की। छापामार दल ने अस्पताल के एक-एक कमरे व एक-एक अलमारी की जांच की। छापेमार दल के अस्पताल पहुंचने से पहले ही अस्पताल का संचालक डॉ. अनिल शर्मा भूमिगत हो गया था। छापेमारी में टीम ने अस्पताल के एक कमरे में रखे कूलर से इस्तेमाल की एमटीपी किट बरामद की। कुछ दिन पहले शाहपुर गांव की एक महिला का भी अवैध रूप से इसी अस्पताल में गर्भपात किया गया है। जब वे उक्त गांव में पहुंचे और जांच की तो पाया कि इस अस्पताल में महिला का गर्भपात किया गया था। जांच में पाया कि उस महिला का गर्भ 18 से 19 सप्ताह का था और इस गैर कानूनी कार्य के लिए अस्पताल संचालक ने मोटी राशि ली थी। विभाग की टीम ने अस्पताल में कार्यरत स्टाफ के बयान दर्ज किए। इसमें उनकी भी संलिप्ता सामने आई। पुलिस ने इस मामले में अस्पताल के संचालक करनाल जिले के गांव गोली निवासी अनिल शर्मा, हरिपुरा उत्तराखंड़ निवासी डॉ. शांति, गांव सरनाखेड़ी निवासी सरोज, मोनिका, असंध निवासी रीना, आशा, गांव सिंघाना निवासी ऋषिराम, गांव बसीनी निवासी रविंद्र, गर्भपात करवाने वाली गांव शाहपुर निवासी रीतू, उसका पति संजय शर्मा, गांव सिंघाना निवासी अनू, उसके पति राहुल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। समाचार लिखे जाने तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया था।