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सांड़ से टकराई कार, वकील और सांड़ की मौत

Thu, 11 Dec 2014 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
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रोहतक से जींद लौटते समय अर्बन इस्टेट निवासी वकील कमल गोस्वामी की मंगलवार देर रात किनाना गांव के पास एक हादसे में मौत हो गई।
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अचानक सड़क पर एक सांड़ के आने से कमल की कार सांड़ से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि वकील और सांड़ दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में वकील की मौत के शोकस्वरूप वकीलों ने बुधवार को वर्क सस्पेंड रखकर शोक जताया। वर्क सस्पेंड के कारण अदालत में कोई सुनवाई नहीं हो पायी। इस कारण पेशी भुगतने आए लोगों को अगली तारीख दी गई।

हिसार के कागसर गांव निवासी एडवोकेट कमल गोस्वामी जींद में अर्बन इस्टेट में रह रहते थे और जींद बार में वकालत करते थे।

एडवोकेट कमल गोस्वामी बुधवार को बिजनेस के सिलसिले में रोहतक गए थे। रोहतक से अपना काम निपटाकर कमल शाम को कार से जींद लौट रहे थे। इसी दौरान किनाना गांव के समीप कार के सामने अचानक सांड़ आ गया।
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सांड़ के साथ हुई कार की टक्कर में कमल और सांड़ की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल ले आई।

यहां पर पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। कमल की मौत की सूचना के बाद वकीलों में शोक की लहर दौड़ गई। वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखकर शोक व्यक्त किया।

मौत का कारण बन रहे हैं लावारिस पशु
शहर की सड़काें पर घूम रहे लावारिस पशु राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन गए हैं। सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं के कारण कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

हालांकि सामाजिक संगठन कई बार लावारिस पशुओं के आश्रय के लिए आवाज उठा चुकी है। इसके बावजूद भी इनके आश्रय की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है।

शहर की सड़काें पर घूम रहे सांड़ के हमले का शिकार जींद के इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा भी हो चुके हैं। सांड़ों की लड़ाई के दौरान चपेट में आने के कारण इनेलो विधायक को बहुत ज्यादा चोटें आई थी।

काफी लंबे उपचार के बाद विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा इस चोट से उबर पाए थे। वहीं लगभग एक वर्ष पहले हाऊसिंग बोर्ड निवासी स्वतंत्रता सेनानी त्रिलोकी नाथ को सांड़ ने टक्कर मार कर घायल कर दिया था।

लगभग 8 माह पहले शहर के बीड़बड़ा वन के पास गाय के साथ टैंपो की टक्कर में टैंपो चालक की मौत हो गई थी। वहीं चार माह पहले देवीलाल ग्राउंड के पास भी सांड़ ने एक महिला को टक्कर मारकर घायल कर दिया।

वहीं 24 अक्तूबर 2010 की रात को गाय को बचाने के चक्कर में डॉ. अश्विनी शर्मा की मौत हो गई थी। डॉ. अश्विनी शर्मा अपनी कार में सवार होकर घर लौट रहे थे।

इसी दौरान सामान्य अस्पताल के पास सड़क पर अचानक गाय कार के आगे आ गई और डॉ. अश्विनी शर्मा ने गाय को बचाने के लिए जैसे ही गाड़ी को सड़क के दूसरी तरफ टर्न किया तो सामने से आ रहे कैंटर ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में डॉ. अश्विनी शर्मा की जान चली गई।  
 
सामाजिक संगठनों द्वारा शहर में चलाए गए अभियान की ब्यौरा
10/08/2013 को उपायुक्त को ज्ञापन देकर बेसहारा गायों तथा सांड़ों के आश्रय की मांग उठाई।
24/08/2013 को अन्ना टीम, गोरक्षा दल ने बेसहारा गायों और नंदियों को शहर के रानी तालाब में इकट्ठा किया।
25/08/2013 को शहर की सामाजिक संस्थाओं ने मुहिम का समर्थन किया
29/08/2013 को स्वामी धर्मदेव के नेतृत्व मेें उपायुक्त से मिले और इनेलो ने गोभक्तों का समर्थन किया।
30/08/2013 को हजकां ने भी गोभक्तों का समर्थन किया।
01/09/2013 को ग्रामीण क्षेत्र के लोगों और सरपंच भी गोभक्तों की मुहिम के समर्थन में शहर के रानी तालाब पर पहुंचे।
05/09/2013 को उपायुक्त के साथ हुई गोभक्तों और गोशाला प्रबंधकों की बैठक में बेसहारा गायों और नंदियों को गोशाला में रखने के लिए श्रीगोशाला प्रबंधक कमेटी ने सहमती जताई।
13/09/2013 को गोचरांद भूमि खाली करवाने के लिए गोभक्तों ने मांग उठाई।  
24/09/2013 को शहर की एक गोशाला से कई सांड़ों के भागने का मामला उठा तो अन्ना टीम तथा गोभक्तों ने पूरे मामले की जांच की मांग उठाई।
07/10/2013 को गोभक्तों की एसडीम के साथ बैठक हुई लेकिन बैठक बेनतीजा रही।
08/10/2013 को एसडीम ने दोबारा गोभक्तों और गोशाला प्रबंधकों की बैठक बुलाई।
13/10/2013 को बेसहारा गायाें और सांड़ों को आश्रय दिलवाने के लिए हरियाणा तकनीकी संघ और अन्ना टीम स्थायी जन लोक अदालत में केस दर्ज किया।  
14/03/2014 को अदालत में नगर परिषद के अधिकारियों को बेसहारा गायों को गोशाला में छोड़ने तथा हर 15 दिन में सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए लेकिन नगर परिषद ने अदालत के आदेशों पर अमल नहीं किया।
9/09/2014 को अन्ना टीम ने स्थायी लोक अदालत में अदालत के आदेशों की अवमानना करने तथा बेसहारा गायों को आश्रय नहीं देने पर जींद के उपायुक्त तथा नगर परिषद को पार्टी बनाते हुए दोबारा से केश दायर किया।
19/09/2014 को इस मामले में अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने 17/10/2014 तक नगर परिषद को इस मामले में अपना जवाब देने के आदेश दिए। अभी यह मामला अदालत में ही विचाराधीन है।
 
बेसहारा गायों व सांड़ों के मामले की सुनवाई भी टली
अन्ना टीम द्वारा सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायों व सांड़ों को आश्रय दिलवाने के लिए काफी लंबे समय से मुहिम चलाई जा रही है। अन्ना टीम द्वारा लोक अदालत में दायर किए गए मामले में बुधवार को अदालत में गायों व सांड़ों के मामले में सुनवाई होनी थी लेकिन वकीलों के वर्क सस्पेंड के चलते बुधवार को इस मामले में सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए अब 19 दिसंबर की डेट निर्धारित की है। अन्ना टीम के सदस्य हितेश हिंदुस्तानी, सुनील वशिष्ठ, देवीदास वाल्मीकि, विनोद बंसल, जयकुमार गोयल सहित टीम के सभी सदस्यों ने शोक व्यक्त किया है।   
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एसडीएम की अदालत द्वारा भी जारी किए जा चुके हैं नोटिस
सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायों व सांड़ों को आश्रय दिलवाने के लिए एसडीएम वीरेंद्र सहरावत ने गोशालाओं के प्रतिनिधियों, नगर परिषद के अधिकारियों, डेयरी संचालकों और सामाजिक संगठनों को नोटिस जारी कर 23 दिसंबर को अदालत में तलब किया है। एसडीएम की अदालत में 23 दिसंबर को इस मामले पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी। 
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