जींद। फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट और अपने सहायक के साथ सीईटी देने पहुंचे अभ्यर्थी को काबू कर अलेवा पुलिस के हवाले किया है। अलेवा थाना पुलिस ने परीक्षा केंद्र अधीक्षक की शिकायत पर परीक्षार्थी जितेंद्र और सहायक प्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का सहारा लेने समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
अलेवा राजकीय महाविद्यालय में बनाए गए सीईटी केंद्र के अधीक्षक डॉ. सुनीता दुग्गल ने पुलिस को बताया कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। गांव बुटानी निवासी जितेंद्र अपने सहायक राजीव नगर दिल्ली निवासी प्रकाश के साथ परीक्षा केंद्र में बैठा हुआ था। जब जितेंद्र के दिव्यांगता सर्टिफिकेट को जांचा तो वह झांसी का बना मिला। दिव्यांगता प्रमाण पत्र को फतेहाबाद के नोटरी से अटेस्टेड कराया गया था। सहायक के लिए योग्यता 10वीं की निर्धारित थी जबकि सहायक की योग्यता ज्यादा थी। सहायक ने अपनी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए वह फर्जी निकले।