फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: सेटेलाइट की पकड़ से बचने के लिए रात में जला रहे धान के अवशेष

Tue, 12 Nov 2024 01:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
11जेएनडी19: जींद खंड के एक गांव के पास खेतों में जल रहे धान के अवशेष। संवाद
विज्ञापन
जींद। किसानों पर प्रशासन की तरफ से लगातार कार्रवाई करने के बाद भी जिले में पराली जलने का सिलसिला नहीं रुक रहा है।
विज्ञापन

किसान अब दिन पराली जला रहे हैं, मगर अब उन्होंने इसका तरीका बदल लिया है। किसान अब दिन के बजाय रात में पराली जला रहे हैं, ताकि अंधेरा होने की वजह से वह सेटेलाइट की पकड़ में न आएं। लगातार जलाए जा रहे धान के अवशेष की वजह से जिले में एक्यूआई का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। इसके चलते सोमवार को जिले में एक्यूआई 278 पर पहुंच गया, जोकि मानव स्वास्थ्य के साथ हर जीव के लिए खतरनाक है।
दिन में सेटेलाइट से बचने के लिए किसान अंधेरे में लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। रविवार को भी आठ किसानों पर धान के अवशेष जलाने पर एफआईआर दर्ज की गई है।
विज्ञापन


रविवार रात को जींद और पिल्लूखेड़ा खंड के गांवों के पास खेतों में धान के अवशेष जलाए गए। इसके अलावा कई क्षेत्रों में धान के अवशेष जलने के कारण रात में वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में धान के अवशेष जलाने पर अब तक 60 किसानों पर मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा बीते दिनों में 17 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को चार, शनिवार को पांच तथा रविवार को आठ किसानों की धान के अवशेष जलाने पर गिरफ्तारी हुई। हालांकि इन किसानों को पुलिस स्टेशन से ही जमानत पर रिहा कर दिया। इसके अलावा किसानों पर कृषि विभाग लगातार जुर्माना लगा रहा है।
रविवार को धान के अवशेष जलाने पर दनौदा निवासी सुरेश, कालवन निवासी कृष्ण, रामकला, सुभाष, धमतान साहिब निवासी बलवान, रसीदां निवासी संतोख, बराड़खेड़ा निवासी आशीष व रमेश के खिलाफ संबंधित थानों में मामले दर्ज हुए। इसके अलावा रविवार को नगूरां निवासी राहुल, बीबीपुर निवासी बहादुर, दनौदा निवासी संजय, बडनपुर निवासी अजमेर, सुदकैन कलां निवासी यशबीर, धमतान साहिब निवासी राजेंद्र, डिंडोली निवासी जनता व दातासिंह वाला निवासी गुरमुख को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर दिया गया।

प्रशासन की कार्रवाई का नहीं हो रहा असर

जिले में धान के अवशेष जलाने पर प्रशासन पूरी तरह से सख्ती बरत रहा है, लेकिन किसानों का इस पर असर नहीं दिखाई दे रहा। प्रतिदिन दर्ज हो रही एफआईआर के बावजूद पराली जलाने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इससे नागरिक अस्पताल में भी सांस, दमा, आंखों में जलन व चर्म रोग के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सक भी इन मरीजों को घर से बाहर निकलने पर रोक लगा रहे हैं, ताकि प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण मरीजों को ज्यादा परेशानी न हो।
विज्ञापन

कई दिन के बाद सुधरा एक्यूआई

गत सप्ताह प्रदूषण का स्तर 300 के पार था, लेकिन शनिवार व रविवार के बाद सोमवार को प्रदूषण के स्तर में कुछ हद तक सुधार हुआ है। जिला प्रशासन की तरफ से भी निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया जा रहा है, ताकि उड़ने वाली धूल की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ने से रोका जा सके।

11जेएनडी19: जींद खंड के एक गांव के पास खेतों में जल रहे धान के अवशेष। संवाद

11जेएनडी19: जींद खंड के एक गांव के पास खेतों में जल रहे धान के अवशेष। संवाद

11जेएनडी19: जींद खंड के एक गांव के पास खेतों में जल रहे धान के अवशेष। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें