जींद। दिल्ली से जाखल तक चलने वाली 04431 पैसेंजर ट्रेन रविवार को 6 बजकर 55 मिनट पर जींद जंक्शन पर नहीं पहुंची। यात्री इस ट्रेन के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं आई। न ही अधिकारियों ने इस ट्रेन के आने का कारण बताया।
रेलवे एप पर भी इस ट्रेन के आने का समय दिखाया जा रहा था। जब ट्रेन साढ़े आठ बजे तक नहीं आई तो यात्री पूछताछ केंद्र पर पहुंचे, लेकिन कुर्सी खाली मिली। इस ट्रेन में बरसोला, उचाना, घासो, नरवाना, धरौदी, धमतान साहिब, कालवन और टोहाना शहर जाने के लिए सैकड़ों यात्री सफर करते हैं, लेकिन इसके नहीं पहुंचने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे रेलवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगता है। यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही ट्रेनों की सही जानकारी भी मुहैया नहीं करवाई जा रही है।
रोजाना शाम 6 बजकर 55 मिनट पर जींद पहुंचने वाली दिल्ली-जाखल पैसेंजर ट्रेन का आने का समय हो चुका था। यात्री अपने गंतव्य तक जाने के लिए टिकट खरीदकर ट्रेन के इंतजार में खड़े थे। मोबाइल एप पर ट्रेन रोहतक खड़ी दिखाई दी, लेकिन डेढ़ घंटा बीतने के बाद भी वह वहीं पर दिखाया जा रही थी। यात्री बार-बार स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों से ट्रेन लेट होने और न आने का कारण पूछ रहे थे, लेकिन उनको भी नहीं पता चल पा रहा था कि ट्रेन के देरी होने का क्या कारण है। डेढ़ घंटा बीत जाने के बाद दिल्ली से कुरुक्षेत्र जाने वाली डीएमयू ट्रेन जंक्शन पर पहुंच गई। उस ट्रेन में उचाना, नरवाना जाने वाले यात्री तो सवार हो गए, लेकिन बरसोला, घासो, धरौदी, धमतान साहिब, कालवन और टोहाना जाने वाले यात्री दिल्ली-जाखल पैसेंजर का इंतजार करते रहे। रात साढ़े आठ बजे पता चला कि दिल्ली-जाखल पैसेंजर ट्रेन नहीं आ रही तो यात्री नरवाना और टोहाना की तरफ जाने के लिए पटियाला चौक पहुंचे, लेकिन ज्यादा देर होने के चलते वहां पर भी यात्रियों को वाहन नहीं मिले। रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ट्रेन में तकनीकी खराबी आने के कारण उसे दिल्ली में ही रोक दिया गया था। उनको इस बारे में बाद में सूचना मिली। उसके बाद यात्रियों को ट्रेन न आने के बारे में सूचना दे दी गई थी। -जेएस कुुंडू, अधीक्षक, रेलवे जंक्शन, जींद।
11जेएनडी25-रेलवे जंक्शन पर दिल्ली-जाखल पैसेंजर ट्रेन का इंतजार करते यात्री। संवाद