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Jind News: बसों की कमी से बढ़ा बोझ, कई रूट पर लगा रहीं डबल चक्कर

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20जेएनडी02-बस अड्डे पर खड़ी बसें, जो कि कई रूटों पर डबल चक्कर मार रही हैं। संवाद
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जींद। डिपो में फिलहाल बसों की कमी हो गई है। इसके कारण बसों पर ज्यादा बोझ बढ़ गया है और वह कई रूट पर डबल चक्कर लगा रही है। वहीं, यात्रियों को भी बेहतर सेवा मुहैया नहीं हो पा रही है। डिपो को फिलहाल 30 बसों की और जरूरत है। तीन महीने पहले जींद डिपो के टाटा से अनुबंध होने के कारण राज्य परिवहन ने डिपो की अशोक लेलैंड बीएस मॉडल-4 की 15 बस पलवल और 15 बस नूहं भेज दी थी।
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वहीं, सोनीपत से टाटा की बीएस-3 मॉडल की 12 बस जींद डिपो में शामिल की जानी थी, लेकिन उन बसों का लाइफ टाइम कम ही बचा था। इस कारण जींद डिपो ने इन 12 बसों को लेने से मना कर दिया। ऐसे में डिपो में बसों की कमी हो गई है। बसों की कमी के कारण 14 बस डबल चक्कर लगा रही हैं। इस कारण बसों की मरम्मत को लेकर पर्याप्त समय नहीं मिल पाता और पांच से सात बस मरम्मत के लिए हर समय खड़ी रहती हैं। ऐसे में रोहतक, भिवानी, कैथल व हिसार जैसे रूट पर पहले की अपेक्षा कम बस चल रही हैं। रोहतक, कैथल पर पांच टाइम तो भिवानी और हिसार रूट पर दो-दो टाइम मिस चल रहे हैं। इस समय डिपो में 169 बस ऑनरूट हैं, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। 169 बसों पर 230 चालक व 265 परिचालक कार्यरत हैं। 1.7 नोरम के हिसाब से डिपो में 169 बसों पर 288 चालक व परिचालकों की जरूरत है। गौरतलब है कि पिछले साल डिपो में 100 से ज्यादा नई बस शामिल हुई थी, जिसमें कुछ बसें अशोक लेलैंड की भेजी गई थी। मई माह में राज्य परिवहन के अतिरिक निदेशक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी महाप्रबंधक के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें डिपो की अशोक लेलैंड की 30 बस दूसरे डिपो में भेजे जाने और बदले में टाटा की 12 बस शामिल करने का निर्णय लिया गया था। जून माह के बीच में बसें स्थानांतरित करने को लेकर प्रक्रिया शुरू की जानी थी, लेकिन फिर बाद में इसे आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया था। फिर अगस्त की शुरूआत में जींद डिपो की 15 बस नूंह और 15 बस पलवल भेज दी गई। सोनीपत से आने वाली 12 बस जींद डिपो में अभी तक नहीं आई हैं।

बॉक्स

डिपो में नई बसों को शामिल करे सरकार

प्रदेश सरकार बसों की कमी को पूरा करते हुए डिपो में नई बसें शामिल करे। फिलहाल डिपो में बसों की भारी कमी है। इसके चलते कई रूट पर रोडवेज सेवा प्रभावित हो गई है और यात्रियों को बस सेवा मुहैया नहीं हो पा रही है। इसलिए जल्द से जल्द डिपो में नई बसें शामिल की जाए।
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-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ

वर्जन

तीन माह पहले अशोक लेलैंड की बसों को दूसरे डिपो में भेजा गया था। बसों की कमी के चलते इस समय कुछ रूट पर दिक्कत चल रही है। नई बसों की मांग मुख्यालय भेजी हुई है।
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-राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद
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