13जेएनडी33-लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए बसपा कार्यकर्ता। स्रोत कार्यकर्ता
जींद। बहुजन समाज पार्टी ने एडीजीपी वाई पूरण आत्महत्या मामले में सोमवार को शहर में प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने लघु सचिवालय पहुंचकर प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी व अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान प्रदेश सचिव सूरत सिंह, जोन प्रभारी मास्टर जिले सिंह कश्यप ने कहा कि हरियाणा के एडीजीपी की आत्महत्या न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है बल्कि यह उस जातिवादी मानसिकता का भयावह प्रतिबिंब है जो आज भी हमारे प्रशासनिक ढांचे में व्याप्त है। वे एक ईमानदार अधिकारी थे लेकिन जाति के कारण बार-बार अपमानित किया गया।
डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणिया ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उसकी छवि को धूमिल किया और आत्महत्या के लिए मजबूर किया। उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों को शिकायत दी लेकिन उसकी आवाज को हर बार दबा दिया गया।
इसलिए उसको मजबूरी में यह कदम उठान पड़ा। इस मौके पर प्रदेश जिला अध्यक्ष राकेश सिवानामाल, अधिवक्ता देशराज सरोहा, धर्मबीर भुक्कल, पंडित नरेश गौतम, डाॅ. प्रवीण मंडल, विरेंद्र ढुल, सत्यवान मांडी राकेश दहिया मौजूद रहे।