19जेएनडी40: शमशेर सिंह के बेटे को तिरंगा सौंपते हुए अधिकारी। ग्रामीण
नरवाना। उझाना गांव के रहने वाले बीएसएफ में सब इंस्पेक्टर शमशेर सिंह का गुजरात में 21 अगस्त की रात ड्यूटी के दौरान ह्रदय गति रुकने से निधन हो गया। शनिवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बीएसएफ की टुकड़ी ने सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
जानकारी के अनुसार 21 अगस्त की रात ड्यूटी के दौरान शमशेर सिंह को हार्ट अटैक आ गया था। साथियों ने उन्हें तुरंत आर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना 22 अगस्त की रात हरियाणा पुलिस ने शमशेर सिंह के परिवार को दी।
गुजरात के दंतीवाड़ा बॉर्डर पर थे तैनात
ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने बताया कि शमशेर सिंह 1990 में बीएसएफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर समेत कई संवेदनशील सीमाओं पर ड्यूटी दी। फिलहाल वह गुजरात के दंतीवाड़ा बॉर्डर पर तैनात थे। शमशेर सिंह अपने पीछे पत्नी, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। बेटी विवाहित है, बड़ा बेटा अनिल निजी काम करता है जबकि छोटा बेटा पढ़ाई कर रहा है।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
शनिवार सुबह आठ बजे जैसे ही बीएसएफ का वाहन पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। नौ बजे के करीब अंतिम संस्कार किया गया। बेटे अनिल ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बीएसएफ के जवानों ने सलामी दी और अधिकारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने शमशेर सिंह के बेटे को तिरंगा सौंपा। मातमी धुन बजते ही माहौल गमगीन हो गया। शमशेर सिंह के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में ग्रामीणों श्रद्धांजलि दी।
19 अगस्त को हुई थी अंतिम बार बात
करीब एक माह पहले ही वह छुट्टी पर गांव आए थे और 17 अगस्त को ड्यूटी पर लौटे थे। भाई के साथ उनकी आखिरी बार 19 अगस्त को फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि वह ठीक-ठाक पहुंच गया है। भारत-पाकिस्तान बार्डर पर वहां नेटवर्क प्रॉब्लम रहती है इसलिए 19 अगस्त के बाद बात नहीं हो पाई थी।
19जेएनडी40: शमशेर सिंह के बेटे को तिरंगा सौंपते हुए अधिकारी। ग्रामीण