जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। रविवार को शहर में बीएसएफ की एक टुकड़ी पहुंच गई है। जिसके बाद से शहर के जाट नेता भूमिगत हो गए हैं। आंदोलन के बारे में प्रतिक्रिया जानने के लिए जाट नेताओं को फोन करने पर उनके घरवाले फोन उठा रहे हैं। जाट नेताओं से बात कराने के लिए कहने पर उनके घर वालों की ओर से उत्तर दिया जा रहा है कि वो घर पर नहीं है, वो बाहर गए हैं। बीएसएफ टुकड़ी में इंस्पेक्टर बलकार सिंह के नेतृत्व में 137 जवान शामिल हैं।
जानकारी हो कि पांच जून से अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू कर रही है। जींद में नरवाना रोड स्थित झांझ गांव में जाट नेता धरना देंगे। वहीं दो दिन पूर्व अखिल भारतीय जाट महासभा की प्रेस कान्फ्रेंस में जाट नेता ऐलान कर चुके हैं कि प्रशासन अनुमति दे या न दे, आंदोलन निर्धारित समय पर शांतिपूर्वक होगा। ऐसे में किसी भी प्रकार के टकराव की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन व सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस द्वारा ऐतिहात के तौर पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। पुलिस के अनुसार किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। अगर कोई किसी प्रकार का उपद्रव या शांति भंग करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि फरवरी माह में आरक्षण आंदोलन के उग्र रूप लेने से जिले में उपद्रव फैल गया था और काफी नुकसान हुआ था। इसी को मद्देनजर सरकार ने ऐतिहात के तौर पर कदम उठाते हुए जिले में बीएसएफ की एक टुकड़ी भेजी है।
किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। अगर कोई कानून तोड़ने व शांति भंग करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- दिनेश यादव, डीएसपी।