दिल्ली कोर्ट में ग्रुप डी की भर्ती का प्रश्न पत्र लीक करवाकर ब्लूटूथ से परीक्षार्थियों का प्रश्न हल करवाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों दनौदा निवासी सुरेंद्र व हरदीप को सीआईए ने सोमवार को अदालत में पेश किया। जहां से दोनों को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। गिरोह के सरगना की पहचान काकड़ौद निवासी अशोक के रूप में हुई है। अब तक हुई जांच में खुलासा हुआ है कि प्रश्न पत्र के उत्तर मिलने पर आरोपी ब्लूटुथ से इन प्रश्नों को हल करवाते थे। इसकी एवज में उन्हें 30-30 हजार रुपये दिए जाते थे।
दोनों आरोपी लगभग डेढ़ साल पहले अशोक के साथ मिलकर परीक्षा में प्रश्न पत्र हल करवाने का काम करने लगे थे। प्रत्येक प्रश्न पत्र हल करवाने के लिए इन्हें 25 से 30 हजार रुपये दिए जाते थे। सरगना अशोक उन्हें यह भी जानकारी नहीं देता था कि परीक्षा किसकी चल रही है। इनको सिर्फ आंसर की देकर फोन पर परीक्षार्थियों को उत्तर बताने का काम दिया गया था। परीक्षा के समाप्त होते ही आरोपियों को उनके निर्धारित रुपये मिल जाते थे। इससे पहले भी आरोपियों ने डेढ़ वर्ष में आठ परीक्षाओं में प्रश्न पत्र हल करवाए हैं। इनमें अब तक उनको दो लाख रुपये मिल चुके हैं।
यह है मामला
रविवार को दिल्ली की जिला अदालत की परीक्षा थी। उचाना के पास काकड़ौद गांव स्थित एक मुर्गी फार्म से प्रश्न पत्र हल करवाया जा रहा था। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची पर यहां से काफी लोग भाग गए। पुलिस को यहां से मोबाइल फोन व अन्य उपकरण मिले हैं।
मुख्य सरगना अशोक चलाता है मुर्गी फार्म
परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक करवाकर परीक्षार्थियों के साथ साठगांठ करने वाला आरोपी अशोक गांव में ही मुर्गी फार्म चलाता है। उसके परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक करवाने, लोगों को अपने साथ किस प्रकार वह जोड़ता है, कितने पैसे परीक्षार्थियों से आंसर की उपलब्ध करवाने के नाम पर लेता है आदि का पता आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद ही चलेगा।
परीक्षा के समय पूरी टीम को करता था मुस्तैद
जानकारी के अनुसार जहां पर परीक्षा होती थी उस स्थान पर परीक्षार्थियों को ब्लूटूथ और मोबाइल उपलब्ध करवाने से लेकर आंसर की उपलब्ध करवाकर पेपर हल करवाने के स्थान पर इस तरह के उपकरण उपलब्ध करवाने की सारी व्यवस्था अशोक खुद करता था। इसमें पूरी सावधानी बरतते हुए पुलिस और अन्य लोगों से सुरक्षा के लिए युवाओं को खड़ा करता था, ताकि किसी को जानकारी मिलने से पहले वहां से निकला जा सके।
पुलिस कार्रवाई के दौरान मुर्गी फार्म पर था अशोक
पुलिस के अनुसार जिस समय काकड़ौद गांव के मुर्गी फार्म पर कार्रवाई की गई थी, उस समय अशोक वहीं पर था। यह फार्म मुख्य मार्ग से डेढ़ किलोमीटर दूर है। ऐसे में पुलिस को दूर से ही देखकर अशोक व उसके अन्य साथी फरार हो गए थे। पुलिस ने तीन को काबू कर लिया था। जांच के बाद इसमें एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया है।
पांच दिन के रिमांड पर आरोपी, मामले में होगी पूछताछ
प्रश्न पत्र हल करवाने के आरोप में पकड़े गए दोनों आरोपियों दनौदा निवासी सुरेंद्र व हरदीप को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इसमें आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है। अब तक आठ परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक करवाने का मामला सामने आया है।
मनोज वर्मा, सीआईए इंचार्ज जींद।