दो दिन पहले लापता युवक का शव हांसी ब्रांच नहर में गांव सिंघाना के पास से बुधवार को मिला। मरने वाले की पहचान सफीदों वार्ड नंबर चार निवासी 30 वर्षीय गुलाब के रूप में हुई है। मृतक की मां राजपति द्वारा गुलाब के लापता होने की सूचना करनाल पुलिस के पास 16 सितंबर को दर्ज करवाई थी। गुलाब अपनी सुसराल में करनाल की करण कॉलोनी में रह रहा था। करनाल पुलिस को दी शिकायत में राजपति ने बहू अमीता, उसके भाई अशोक, अमन, उनके रिश्तेदार कैथल निवासी गोविंद पर बंधक बनाकर मारपीट करने व लापता करने के आरोप लगाए थे। करनाल पुलिस ने उक्त सभी के खिलाफ मामला दर्ज जांच शुरू कर दी थी।
राजपति ने सफीदों पुलिस को दिए बयान में बताया कि चार महीने से गुलाब करनाल में ही अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। 16 सितंबर को गुलाब सफीदों आया था। राजपति ने बताया कि बहू सफीदों के खानसर चौक पर स्थित वेल्डिंग की दुकान बिकवाकर गुलाब से करनाल में अपने भाइयों के साथ काम करवाना चाहती थी, लेकिन बेटा दुकान नहीं बेचना चाहता था। गुलाब कहता था कि मेरा सफीदों में ही मन लगता है, इसलिए मैं दुकानदारी वहीं करूंगा। गुलाब ने उसे बताया कि 15 सितंबर को बेटे का जन्मदिन था। इस दौरान इसी बात को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। गुलाब ने बताया था कि उसकी पत्नी अमीता और सालों ने उसके साथ मारपीट करते हैं। राजपति ने बताया कि बेने ने कुछ घंटे के बाद करनाल जाने की बात कहकर चला गया। दो घंटे बाद उसका फोन आया और कहने लगा कि मां मैं परेशान हो चुका हूं। मेरी पत्नी व मेरे साले मुझे तंग कर रहे हैं। इसलिए मैं जीना नहीं चाहता। पीछे से मेरे बच्चों को संभाल लेना। तभी से परिजन गुलाब की तलाश कर रहे थे। सफीदों के बाईपास पर रामपुरा पुल पर गुलाब की बाइक खड़ी मिली पर गुलाब नहीं मिला। इसके बाद बुधवार को नहर सूखी होने पर शव दिखाई दिया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस से शव को कब्जे में लेकर सफीदों के नागरिक अस्पताल लाया, जहां से डॉक्टरों ने रोहतक पीजीआई भेज दिया है।
कार्यवाहक थाना प्रभारी छतरपाल ने कहा कि इससे पहले करनाल पुलिस द्वारा गुलाब के लापता होने का मामला दर्ज किया हुआ है। इसमें मृतक की मां की शिकायत पर पत्नी अमीता, साले अशोक, अमन व रिश्तेदार गोविंद के खिलाफ मामला दर्ज करके अपने जांच शुरू कर रखी है। करनाल पुलिस को शव सौंप दिया गया है।