जींद। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव खोखरी, हैबतपुर और बोहतवाला में फीवर मास सर्वे किया। फीवर मास सर्वे की निगरानी स्वास्थ्य सुपरवाइजर सुरेश कुमार ने की। सुपरवाइजर ने बताया कि 45 लोगों के खून के सैंपल जांच के लिए लैब भिजवाए।
स्वास्थ्यकर्मी देवीराम कौशिक, नरेंद्र, सौरभ, सजंय, प्रमोद, अनीता और आशा वर्करों ने घर-घर जाकर पानी के स्रोत जैसे होदी, टंकी, कूलर, मटके, गमले, फ्रिज की ट्रे और छत पर पड़े कबाड़ की जांच करते हुए लोगों को मलेरिया और डेंगू बुखार से बचाव की जानकारी दी।
स्वास्थ्यकर्मी देवीराम कौशिक और सौरभ ने कहा कि मलेरिया बुखार मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है, जो गंदे पानी में अपना जीवन चक्कर पूरा करता है। डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। इसके बचाव के लिए हमें अपने घर और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
इस समय बारिश के दिनों में मलेरिया और डेंगू का प्रकोप हो जाता है। उन्होंने कहा कि मलेरिया में सर्दी के साथ बुखार होना, बदन दर्द होना मुख्य लक्षण हैं। इसलिए बुखार होने पर तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र जाकर रक्त पट्टिका बनवाकर लैब में भिजवाना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर चंद्रभान, सुनहरा, किताबा, अजय कुमार, केलो, कमला, सुनीता, कविता, सकीना, मंजू, कामिनी, रामभतेरी, कपिल और साहिल भी मौजूद रहे।