मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को जुलाना में आयोजित जनसभा में सात परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
जनसभा में हुड्डा ने जुलाना को उपमंडल बनाने का वायदा करते हुए कांग्रेस के पूर्व महासचिव एवं राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह के विकास कार्यों में हो रहे भेदभाव के आरोपों को नकारा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान बीरेंद्र सिंह ने स्वीकारा था कि उचाना को विकास में पर्याप्त भागेदारी मिली है। पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि बीरेंद्र सिंह ने स्वयं एक जनसभा में उचाना के विकास का गुणगान करते हुए कहा था कि उचाना को खूब विकास हुआ है। इसके बाद उन्होंने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव लड़ने की नसीहत दी।
जुलाना की पुरानी अनाज मंडी में हुई जनसभा में हुड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव से पहले किए वायदों की पोल खुल गई है। आज रेल, तेल से लेकर रसोई गैस सहित सभी चीजें महंगी हो गई हैं। चौधरी बीरेंद्र सिंह को निष्कासित करने के सवाल पर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि सबको साथ लेकर चलेंगे। इस मौके पर जींद के ऑब्जर्वर विधायक धर्म सिंह छोक्कर, पूर्व विधायक आईजी शेर सिंह, कर्मबीर सैनी और बच्चन सिंह आर्य भी मौजूद रहे।
हरियाणा को गुजरात मॉडल से नुकसान होगा
जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हरियाणा में गुजरात मॉडल लागू होता है तो प्रदेश को लोगों को काफी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यहां के 81 प्रतिशत बुजुर्गों को 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल रही है, जबकि गुजरात में महज 21 प्रतिशत लोगों को 400 रुपये वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है। इस मॉडल से हरियाणा के किसानों को दस गुणा महंगी बिजली और करीब आठ रुपये प्रति लीटर महंगा डीजल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार दलित विद्यार्थियों को पहली कक्षा से 225 रुपये मासिक वजीफा देती है, लेकिन गुजरात सरकार साल में 225 रुपये देती है। हरियाणा में शत प्रतिशत दलित विद्यार्थियों को यह लाभ दिया जाता रहा है, जबकि गुजरात में नाममात्र को यह लाभ मिल रहा है।
सिखों को दिया उनका हक
अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मामले को पंजाब सरकार द्वारा केंद्र को भेजने के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश के सिखों को उनका हक दिया है। अब कौन क्या करता है वे कुछ नहीं कर सकते। वहीं अलग हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को कब्जा दिलवाने का सवाल भी मुख्यमंत्री टाल गए।