उचाना। शहर के कन्या स्कूल के पास स्थित कान्हा सेवा सदन में तीसरे दिन भी श्रीमद्भागवत कथा हुई। इस दौरान कथा वाचक अरविंद शास्त्री ने कृष्ण की बाल लीला, माखन चोरी के प्रसंग कथा में वर्णन किया। कथावाचक शास्त्री ने कलयुग की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि इस युग में हरि नाम का स्मरण ही जीवन के कल्याण के लिए पर्याप्त है। भागवत कथा विचार, वैराग्य और ज्ञान का मार्ग दिखाती है। सतयुग, त्रेता और द्वापर की तुलना में कलयुग में कठिन तपस्या की आवश्यकता नहीं है।
भगवान कृष्ण की बाल लीला जन जन के हृदय में भक्ति और प्रेम का संचार करती है। श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चित्रकूट धाम भागवत सेवा समिति उचाना द्वारा करवाया जा रहा है।
अरविंद शास्त्री ने श्री कृष्ण भगवान के माखन चोरी की कथा सुनाई। कथा सुनकर प्रभु भक्त भाव विभोर हो गए। श्री कृष्ण की माखन चोरी की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि जब श्री कृष्ण भगवान पहली बार से बाहर निकले तो मित्र मंडली बन गई।
सभी मित्र मिलकर रोजाना माखन चोरी करने जाते थे। सब बैठकर पहले योजना बनाते की किस गोपी के घर का माखन की चोरी करनी है। श्री कृष्ण माखन लेकर बाहर आ जाते और सभी मित्रों के साथ बांटकर खाते थे।
ब्रज की गली गली में शोर आयो आयो माखन चोर भजन पर श्रद्धालु झूमने लगे। माखर चोरी की लीला का बखान करते हुए उन्होंने भगवान कृष्ण के बाल रूप का सुंंदर प्रकार से वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण बचपन में नटखट थे। इस अवसर पर रोशन लाल घोघड़ियां, विनोद बंसल, सुनील बुडायन, सज्जन घोघड़ियां, कैलाश बंसल, सुशील मित्तल, बाबूराम मखंड, हरिकेश छात्तर, निरंजन गर्ग, सत्यनारायण मखंड, कर्मबीर कापड़ो, सतपाल गर्ग, सतीशो देवी, सोनिया बंसल, उमा गर्ग, सोनिया गोयल, कविता ढूल, कविता वर्मा और रेखा श्योकंद मौजूद रही।
12जेएनडी28-भक्तिमय गीतों पर झूमते हुए श्रद्धालु। संवाद