जींद। जिले के सुंदरपुरा व बरसाना गांव में जल संरक्षण की दिशा में बेहतर काम हुआ है। दोनों गांवों में हर घर तक पेयजल पहुंच रहा है। गांव में कहीं भी अवैध कनेक्शन नहीं है और न ही पेयजल की लाइन लीकेज है। यह काम सुंदरपुरा गांव में सरपंच आरती श्योकंद व बरसाना में स्वयं सहायता समूह की सदस्य निशा की मेहनत से संभव हो पाई है।
सुंदरपुरा गांव में अप्रैल के अंत तक 24 घंटे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने वाला मॉडल गांव बनाया जाएगा। जल जीवन मिशन के तहत गांव में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के चलते सरपंच आरती श्योकंद व निशा को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। दोनों को राष्ट्रपति, केंद्रीय पेयजल मंत्री और जल जीवन मिशन के अधिकारियों की मौजूदगी में सम्मानित किया गया।
यह सम्मान गांव में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए किए गए प्रयासों के लिए दिया गया। सरपंच आरती के नेतृत्व में सुंदरपुरा में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का कार्य तेजी से पूरा किया गया। गांव में पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ लीकेज रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया जिससे पानी की बर्बादी को काफी हद तक रोका जा सका।
इसके अलावा गांव के सभी घरों के बाहर टोंटियां लगवाई गईं ताकि लोगों को आसानी से पानी उपलब्ध हो सके।
बैठक कर किया जागरूक
गांव में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से ग्राम सभा और जल समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को पानी बचाने और स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही घर-घर जाकर पानी की गुणवत्ता की जांच भी करवाई गई जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित पानी मिल रहा है।
सुंदरपुरा गांव आने वाले समय में प्रदेश के लिए एक मॉडल गांव के रूप में उभरेगा। यहां 24 घंटे स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी। बरसाना की निशा जैसे युवाओं के प्रयास अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। इसी तरह से बरसाना गांव में भी काम किया जाएगा। इन पहलों के चलते जिले में जल संरक्षण और प्रबंधन की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है जिससे आमजन को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
- रणधीर मताना, जिला सलाहकार, जन स्वास्थ्य विभाग, जींद