थाईलैंड में होने वाली अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के लिए चयनित बहनें।
- फोटो : Amar Ujala
थाइलैंड के तास्कन में एक मई से पांच मई तक होने वाली अंतरराष्ट्रीय सैंबो कुश्ती होगी। प्रतियोगिता के लिए टीम इंडिया में उचाना कलां की सगी बहनें रेणू और सुमन श्योकंद का चयन हुआ। दोनों बहनें पांच दिनों तक होने वाली सैंबो कुश्ती प्रतियोगिता में दमखम दिखाएंगी। दोनों बहनों के चयन से परिवार के लोगों के साथ-साथ गांव के लोगों में खुशी है। इससे पहले भी पंजाब में 24 मार्च से 26 मार्च तक हुई नेशनल बेल्ट कुश्ती प्रतियोगिता में रेणू श्योकंद ने 52 किलोग्राम में महाराष्ट्र की पूनम को, 44 किलोग्राम में सुमन श्योकंद ने पंजाब की ज्योति को हराकर सिल्वर मेडल जीते। 13 जनवरी से 15 जनवरी तक मध्य प्रदेश के देवाश में हुई सैंबो कुश्ती में रेणू श्योकंद ने 48 किलोग्राम में, सुमन श्योकंद ने 40 किलोग्राम में कांस्य पदक जीता। दोनों बहनों ने एक साल में दो नेशनल मेडल प्राप्त करके बांगर का नाम देश, प्रदेश में रोशन किया है।
परिवार के सदस्यों ने दिया प्रोत्साहन
रेणू श्योकंद, सुमन श्योकंद ने कहा कि बेटी भी बेटों की तरह शिक्षा, खेलों में नाम रोशन कर सकती हैं। शुरू से ही उनका रुझान खेलों में था। परिवार के सदस्यों ने प्रोत्साहन दिया। उनके पिता सुरेश श्योकंद ने कुश्ती में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। परिवार के सदस्यों से मिले प्रोत्साहन से आज वे कुश्ती में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम इंडिया के लिए खेलेंगी। एनआईएस के महासचिव डीआर शर्मा ने कुश्ती की कोचिंग दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में देश के लिए गोल्ड जीतने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी।
बेटी नहीं बेटों से कम
रेणू, सुमन के पिता सुरेश श्योकंद, माता मीना देवी ने कहा कि उनकी दो लड़कियां है। कभी भी बेटियों को बेटों से कम नहीं समझा। बेटियों की खेलने इच्छा थी, उनको प्रोत्साहन दिया तो आज दोनों बेटियों ने मां, बाप, गांव का नाम प्रदेश, देश में रोशन किया है। हर किसी को चाहिए कि वो बेटियों को बेटों से कम न मानें। बेटी भी बेेटों की तरह मां-बाप का नाम रोशन कर सकती हैं।