शहर के रोहतक रोड पर ट्रक बॉडी मेकर के व्यापारी प्रतिष्ठान पर विजिलेंस चीफ बनकर पहुंचे आरोपी युवक को पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। आरोपी ने फिलहाल दो ठगी की वारदातों को कबूला है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। रोहतक रोड बाईपास निवासी रसूल ने एक अप्रैल को शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका ट्रक बॉडी मेकर का रोहतक रोड पर कारोबार है। शाम को एक युवक आया और उसने अपना नाम कैप्टन प्रतीक गुप्ता बताया और डीआरआई हिसार में विजिलेंस चीफ के तौर पर अपनी पहचान बताई।
आते ही उसने उसको एक नोटिस थमा दिया और कहा कि उनके यहां पर छापामारी होनी है। इसलिए अब कोई भी फोन पर बात नहीं करेगा। इस दौरान उसने कहा कि इसके लिए वह अपने वकील से बता करवाए। बाद में उसने मामले को यही पर निपटाने के लिए एक लाख रुपये की डिमांड की, लेकिन मौके पर ही एक लाख रुपये देने में असमर्थता जताई और एक-दो दिन में पैसे देने की बात कही। इसके बाद उनके प्रतिष्ठान पर छापामारी करने वाले कैप्टन प्रतीक गुप्ता के बारे में दिल्ली के डीआरआई कार्यालय में संपर्क किया। जहां से पता चला कि यह उनका कोई चीफ नहीं है और यह फर्जी व्यक्ति है। जब अगले दिन पैसे लेने के लिए जब प्रतीक गुप्ता पहुंचा तो व्यापारी ने उसे दबोच लिया और इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने युवक को काबू कर लिया। बाद में इसकी पहचान शिव चौक निवासी प्रतीक गुप्ता के रुप में हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके अदालत में पेश किया। जहां से दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
मामले के जांच अधिकारी वजीर सिंह ने बताया कि आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी ने व्यापारियों से ठगी की दो वारदातों को मना है। अन्य ठगी की वारदातों के बारे में पूछताछ की जा रही है।