जींद। जिले के बीबीपुर गांव में जल्द ही एक आधुनिक आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी का 39 लाख रुपये की राशि से निर्माण होगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने टेंडर लगाए हैं। इस पर यह परियोजना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ेगी।
सरकार की योजना व ग्रामीणों की मांग पर गांव में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी के निर्माण को मंजूरी मिली है। इसके बनने के बाद बीबीपुर ही नहीं बल्कि आसपास के भी कई गांवों के लोगों को बेहतर प्राकृतिक चिकित्सा उपलब्ध होगी।
बीबीपुर गांव जो पहले लिंगानुपात सुधार और सामाजिक बदलाव के लिए देशव्यापी चर्चा में रहा। अब स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम करने को तैयार है। गांव की आबादी लगभग 5,000 है। यहां के निवासी लंबे समय से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझ रहे थे।
सरकारी अस्पतालों तक पहुंचने में समय और खर्च की समस्या के कारण कई बीमारियां गंभीर रूप धारण कर लेती हैं। इस डिस्पेंसरी के निर्माण से ग्रामीणों को घर द्वार पर आयुर्वेदिक उपचार मिलेगा। इसमें जड़ी-बूटियों पर आधारित दवाइयां, योग थेरेपी और पंचकर्मा जैसी प्रक्रियाएं शामिल होंगी।
जिला आयुर्वेद विभाग के अनुसार डिस्पेंसरी में एक मेडिकल ऑफिसर, एक योग सहायक, एक फार्मासिस्ट व पार्ट टाइम वर्कर की नियुक्ति होगी। इसमें ओपीडी, दवा वितरण केंद्र और योग कक्ष आधुनिक सुविधा के अनुसार होंगे। अब इस परियोजना को लेकर टेंडर लगाया है।
आगामी माह में इसकी बिड ओपन होगी। इसके बाद जल्द ही इस पर काम शुरू करवा दिया जाएगा, ताकि भवन का निर्माण पूरा करने के बाद इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं को शुरू किया जा सके। इसके बाद डिस्पेंसरी में अनुभवी वैद्य और योग प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे, जो ग्रामीणों को निशुल्क परामर्श और दवाएं प्रदान करेंगे।
जोड़ों के दर्द समेत अन्य आयुर्वेदिक इलाज मिलेगा
आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी में पारंपरिक चिकित्सा से जोड़ों के दर्द और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक इलाज मिलेगा जो रासायनिक दवाओं से कहीं बेहतर है। यह परियोजना केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक चिकित्सा को प्रोत्साहित करती है। आयुर्वेद न केवल रोगों का उपचार करता है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।
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बीबीपुर गांव में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी बनाई जाएगी। इसको बनाने के लिए सरकार ने बजट भेज दिया है। अब इसकी टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। अगले माह में टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर काम अलॉट कर शुरू करवा दिया जाएगा ताकि ग्रामीणों को बेहतर सुविधा मिल सके।
-पोषण कन्यान, एक्सइन पंचायती राज विभाग, जींद।