जींद। राजकीय स्कूलों में कक्षा दूसरी और तीसरी में सेंसस बेस्ड ग्रुपिंग एक्टिविटी (जनगणना आधारित समूहीकरण गतिविधियों) के आधार पर विद्यार्थी का आकलन होगा। शब्द, वाक्य, अनुच्छेद, संख्या पहचान, जोड़ व घटाव जैसी चीजों के बारे में विद्यार्थियों से जानकारी ली जाएगी।
आकलन दो अलग-अलग दिनों में आयोजित किया जाएगा। 15 सितंबर को शब्द, वाक्य एवं अनुच्छेद व 16 सितंबर को संख्या पहचान, जोड़ व घटाव निपुण गतिविधियां शामिल रहेंगी। संख्याज्ञान आकलन के लिए गणित/विज्ञान/अर्थशास्त्र/वाणिज्य विषय के टीजीटी/पीजीटी यह कार्य करेंगे।
भाषा आकलन के लिए हिंदी/संस्कृत/उर्दू विषय के टीजीटी/पीजीटी यह कार्य करेंगे। यदि क्लस्टर में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हो तो आवश्यकतानुसार अन्य विद्यालयों के शिक्षक या डाइट फैकल्टी को बीईओ द्वारा नियुक्त किया जा सकता है।
इस आयोजन का उद्देश्य आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान में विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना व प्रत्येक बच्चे के लिए विद्यालयों को उपचारात्मक कदम योजना बनाने में सहयोग प्रदान करना है। यह एक निदान अभ्यास है।
इसका उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी का पठन एवं गणित में आधारभूत स्तर पर मूल्यांकन कर उनके अधिगम स्तर की पहचान करना व शिक्षकों को अधिगम परिणाम में सुधार करने में सहयोग देना है।
वर्जन
दूसरी और तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों को बेहतर ज्ञान देने के उद्देश्य से सेंसस बेस्ड ग्रुपिंग एक्टिविटी के आधार पर आकलन किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से पत्र जारी हुआ है। इसमें विद्यार्थियों का आकलन शब्द, वाक्य एवं अनुच्छेद, संख्या पहचान, जोड़ व घटाव की गतिविधियां शामिल हैं। -राजपाल देशवाल, खंड शिक्षा अधिकारी जींद।