जींद। श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में फरीदाबाद से प्रारंभ हुई हिंद की चादर तृतीय शहीदी यात्रा का सोमवार देर रात जिले में पहुंचने पर श्रद्धाभाव से स्वागत हुआ। जिले की सीमा में प्रवेश करने के पश्चात यात्रा सबसे पहले किनाना गांव से होती हुई हवेली पहुंची। उसके बाद सफीदों रोड से होते हुए जींद में आगमन हुआ।
सफीदों रोड पर जिला गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों रुद्राक्ष मिड्ढा व संगत ने पंज प्यारों की अगुवाई में यात्रा का स्वागत किया। यात्रा परशुराम चौक, कुंदन सिनेमा, बाबा बंदा सिंह बहादुर चौक और बाल भवन के समीप से होती हुई रानी तालाब स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब पहुंची।
मंगलवार को यात्रा के साथ नगर कीर्तन निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं तथा साध-संगत ने भाग लिया। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर सिख समाज की ओर से जलपान व प्रसाद व्यवस्था की गई।
बाद में शहीदी यात्रा गोहाना रोड से उपमंडल सफीदों के गांवों ढाठरथ, खरक गादिया, सिंघाना से होती हुई पानीपत जिले के इसराना की की तरफ प्रस्थान कर गई।
यात्रा के दौरान सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से एलईडी वैन के माध्यम से संत महापुरुषों के जीवन-वृतांत का प्रसारण भी किया गया। इससे आमजन को गुरुजी की शिक्षाओं एवं जीवन संदेशों का अवलोकन कराया गया।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने दी श्रद्धांजलि
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के सदस्य गुरजिंद्र सिंह ने कहा कि यह शहीदी यात्रा गुरु तेग बहादुर के त्याग, तप और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। धर्म और मानवता की रक्षा के लिए महान बलिदान दिया। इसकी प्रेरणा आज भी समाज को मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि गुरु के साथ भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दयाला जी की शहादत को भी इस यात्रा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक यात्रा 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी जहां 25 नवंबर को राज् स्तरीय भव्य समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।
18जेएनडी04: हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित शहीदी यात्रा का