जींद। जिले में बिजली की बढ़ती मांग के बीच आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अघोषित कटौती और बढ़ते लोड के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अप्रैल से जून तक तीन माह में जिले में 1308 बिजली ट्रांसफार्मर जल चुके हैं।
इस दौरान बिजली की खपत भी करीब एक करोड़ 32 लाख यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गई जो अधिकतम एक करोड़ 45 लाख यूनिट तक दर्ज की गई थी। हालांकि, अब खपत में कुछ कमी आने से निगम को थोड़ी राहत मिली है।
दिन के समय बार-बार बिजली गुल होने से घरेलू कामकाज और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में 185 ट्रांसफार्मर खराब हुए। उस समय बिजली कट अपेक्षाकृत कम थे और प्रतिदिन औसतन छह ट्रांसफार्मर बदलने की स्थिति बनी।
मई में गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग और कटौती का असर ट्रांसफार्मरों पर भी पड़ा। इस महीने 449 ट्रांसफार्मर फुंक गए और प्रतिदिन औसतन 14 ट्रांसफार्मर बदलने की नौबत आई।
जून में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। इस महीने 774 ट्रांसफार्मर जल गए यानी प्रतिदिन औसतन 25 ट्रांसफार्मर खराब हुए। तीन माह में कुल 1308 ट्रांसफार्मर जलने से निगम की व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव बना रहा।
कई क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की समस्या
जिले में बिजली की दैनिक खपत करीब एक करोड़ 32 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। बढ़े हुए लोड के कारण कई क्षेत्रों में ओवरलोडिंग की समस्या सामने आ रही है। बुधवार सुबह से ही बिजली बाधित रहने को लेकर निगम के शिकायत केंद्र पर करीब 180 शिकायतें दर्ज की गईं। कई इलाकों में बार-बार बिजली आने-जाने से लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
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उमस भरी गर्मी में रात के समय बिजली कटने से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पंखे और कूलर बंद होने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। कई परिवार गर्मी से बचने के लिए रात छत और आंगन में बिताने को मजबूर हैं।
- राजेश शर्मा
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दिन में बिजली बाधित होने से दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का काम प्रभावित हो रहा है। वेल्डिंग, फोटोकॉपी, साइबर कैफे, आटा चक्की, डेयरी और सैलून जैसे काम रुक-रुककर चल रहे हैं। बिजली नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई और घरों में पानी की मोटर चलाने में भी परेशानी आ रही है।
-संदीप दुकानदार
ओवरलोड से जले ट्रांसफार्मर तुरंत बदले जा रहे
ओवरलोड के कारण खराब होने वाले ट्रांसफार्मरों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जा रहा है। शहर में करीब चार घंटे और गांवों में 24 घंटे के अंदर नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाता है। गर्मी और कुछ स्थानों पर आए तूफान के कारण भी ट्रांसफार्मर खराब हुए थे। अब बिजली की खपत में कमी आई है जिससे आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
- विनोद पूनिया, एसई बिजली निगम जींद