गांव ईगराह में नौकरी दिलाने के बहाने बंधक बनाकर महिला तथा उसकी छोटी बहन से तीन दिन दुराचार करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। हालांकि उसका आरोपी का भाई फरार चल रहा है।
जानकारी के अनुसार इलाहाबाद रेलवे पुलिस द्वारा गत 27 मई को सदर थाना पुलिस को भेजी गई जीरो एफआईआर में यूपी निवासी एक महिला ने कहा था कि वह अपनी छोटी बहन के साथ दस अप्रैल को कामकाज की तलाश में वाराणसी गई हुई थी। उसी दौरान उनकी मुलाकात गांव ज्ञानपुर जिला भदोही उत्तरप्रदेश निवासी गौरीशंकर के साथ हुई। गौरीशंकर ने दोनों बहनों को कामकाज दिलाने का झांसा देकर 11 अप्रैल को जींद के गांव ईगराह के साधु आश्रम में ले आया। जहां पर आरोपी का भाई मनीषानंद आश्रम का पुजारी है।
महिला ने आरोप लगाया कि गौरीशंकर ने तीन दिन तक शिकायतकर्ता की छोटी बहन को हवस का शिकार बनाया। जब दोनों बहनों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। उसके बाद आरोपी दोनों बहनों को लेकर इलाहाबाद के लिए रवाना हो गया। उसी दौरान महिला ने किसी यात्री के सहयोग से रेलवे पुलिस इलाहाबाद को फोन पर सूचना दी। जिस पर रेलवे पुलिस ने आरोपी गौरीशंकर को काबू कर लिया और दोनों बहनों की शिकायत पर गौरीशंकर तथा साधु आश्रम ईगराह के पुजारी मनीषानंद के खिलाफ दुराचार तथा बंधक बनाने का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी गौरीशंकर को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन आश्रम का पुजारी मनीषानंद अभी भी फरार चल रहा है।