30जेएनडी17 : शहर के अंदर शिव कॉलोनी में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद
जींद। नई स्ट्रीट लाइट नहीं मिलने और इनका टेंडर नहीं होने के कारण अब नगर परिषद ने इनके लिए रख-रखाव का टेंडर छोड़ दिया है। इसके लिए 1 करोड़ 10 लाख रुपये का टेंडर छोड़कर वर्क अलॉट किया गया है।
अब शहर में यदि स्ट्रीट लाइट खराब होती है या नई बदलनी पड़ेगी तो इसे ठेकेदार ही ठीक करेगा। शहर को स्ट्रीट लाइट की सुविधा के अनुसार तीन जोन में बांट दिया गया है। अब हर जोन में अलग-अलग काम होगा।
शहर में नगर परिषद के अधीन 15 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट आती हैं। इनमें से तीन हजार स्ट्रीट लाइट मुख्य मार्गों और चौराहों पर हैं तो 12 हजार स्ट्रीट लाइट काॅलोनियों में लगाई गई हैं। नगर परिषद ने इनका रखरखाव करने के लिए शहर को तीन जोन में बांटा था। इसके तहत पटियाला चौक से नहर तक का क्षेत्र, नहर से पुराने बस स्टैंड व पुराने बस स्टैंड से पिंडारा तक के क्षेत्र को नगर परिषद परिधि में शामिल किया गया है।
इन तीन जोन में स्ट्रीट लाइट का रखरखाव करने के लिए एक करोड़ दस लाख रुपये का टेंडर छोड़ा गया है। पहले तीन अलग-अलग टेंडर लगने पर मुख्यालय ने आपत्ति जताई थी। अब तीनों को एक ही टेंडर के तहत करके वर्क अलॉट कर दिया गया है।
30जेएनडी17 : शहर के अंदर शिव कॉलोनी में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद
30जेएनडी17 : शहर के अंदर शिव कॉलोनी में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट। संवाद