जींद। व्यापारमंडल की कार्यकारिणी के सदस्यों ने व्यापारियों को तत्काल राहत देने के लिए राहत कोष बनाने, कोई घटना होने पर सरकार से उनको मुआवजा दिलाने के बारे में बातचीत करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय रविवार को प्रधान अनिल अग्रवाल के प्रतिष्ठान पर हुई बैठक में लिया गया।
इस दौरान व्यापारियों के कई गंभीर मुद्दों पर मंथन करने के साथ प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था व व्यापारियों को फिरौती के लिए धमकी देने पर चिंता जताई गई। बैठक की अध्यक्षता व्यापार मंडल जींद के संरक्षक ओमप्रकाश भारद्वाज ने की।
उन्होंने आए दिन रंगदारी के लिए व्यापारियों को मिल रही धमकी और बिगड़ी कानून व्यवस्था पर चिंता प्रकट करते हुए सरकार से तत्काल कानून व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। महासचिव मनोज अरोड़ा ने बताया की बैठक में व्यापारियों के साथ आगजनी या अन्य दुर्घटना से हुए उनके नुकसान की भरपाई के लिए को लेकर मंथन किया। सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि सरकार के सामने इस मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे और सरकार की बीमा योजना पर मंथन करेंगे।
इसके अलावा अपना खुद का एक राहत कोष बनाया जाएगा, ताकि आग लगने की घटना के पीड़ित व्यापारी की तत्काल आर्थिक मदद की जा सके। इससे वह दोबारा अपना व्यापार शुरू कर सकेंगे। व्यापारमंडल के प्रवक्ता व मेन बाजार प्रधान राजू लखीना ने संगठन का विस्तार व मजबूत करने के लिए अपने सुझाव रखे।
सभी व्यापारियों ने ऑनलाइन सामान नहीं खरीदने की वकालत की, ताकि स्थानीय व्यापारियों का सामान बिकता रहे। बैठक को अशोक गुलाटी, सुनील वशिष्ठ, श्याम सुंदर गोयल, राजेश गोयल, जितेंदर गर्ग, राजेश मककड़, अनिल मंगला, अमर अरोड़ा, गौरव गुंबर, राजकुमार गर्ग, अजय गुलाटी, अजय वर्मा, शिव चरण मोयल, प्रवीण ढिंगड़ा, बलजीत रेढू, संजय वर्मा, सुशील बंसल, सुरेश सैनी ने भी संबोधित किया। ी
30जेएनडी02 : बैठक के बाद लिए गए निर्णयों की जानकारी देते व्यापार मंडल के पदाधिकारी। संवाद