जींद। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने 20 से अधिक ऑनलाइन एप लॉन्च किए हैं। इनका प्रयोग कर मतदाता या कोई भी उम्मीदवार अपनी समस्या का निवारण करवा सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया को सरल एवं सुविधाजनक बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने ऑफ लाइन के साथ ऑनलाइन भी कई सेवाएं शुरू की हुई हैं। उदाहरण के तौर पर 18 साल का कोई युवा या युवती अपना वोट बनवाना चाहता है तो वह वोटर्स.ईसीआई.इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। यह सुविधा केवल तब तक है, जब तक कि लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती। नामांकन पत्रों का दाखिला शुरू होने के बाद इसे बंद कर दिया जाएगा। जींद में यह प्रक्रिया 29 अप्रैल से आरंभ होगी और छह मई तक जारी रहेगी। इसी प्रकार निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल के नाम से एक नया एप शुरू किया है। इस मोबाइल एप को डाइनलोड कर कोई भी नागरिक आदर्श आचार संहिता की कहीं अवहेलना हो रही है तो उसकी फोटो या वीडियो बनाकर अपनी शिकायत भेज सकता है। इसका निवारण निर्वाचन कार्यालय की ओर से 100 मिनट में निवाररण किया जाएगा।
उम्मीदवार नॉमिनेशन एप्लीकेशन के नाम से बनाया एप
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ऑन लाइन नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए भी निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवार नामांकन एप्लीकेशन के नाम से एप बनाया हुआ है। कोई भी प्रत्याशी इस एप का प्रयोग कर अपने आवेदन को इस एप पर ऑन लाइन भर सकता है। इसमें ऑन लाइन भुगतान के माध्यम से अपनी जमानत राशि भर सकता है। एक बार आवेदन करने के बाद उम्मीदवार कैंडीडेट सुविधा एप का प्रयोग कर अपने आवेदन की आगामी कार्यवाही पर नजर रख सकते हैं। रिटर्निंग अधिकारियों के लिए आयोग ने एनकोर के नाम से सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इसमें उम्मीदवारों का आवश्यक डाटा फीड रहता है। उम्मीदवारों की संपत्ति के विवरण को देखने के लिए आयोग ने शपथ पत्र पोर्टल बनाया है। इस एप पर किसी उम्मीदवार की चल-अचल संपत्ति, हलफनामा को देखा जा सकता है।
मतदाताओं की होगी डिजिटल पहचान
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इसी प्रकार भारत निर्वाचन आयोग ने बूथ एप के माध्यम से मतदाताओं की डिजिटल पहचान करने की सेवा शुरू की है। मतदाता वोटर हेल्पलाइन एप को अपने ईपीआईसी कार्ड से जोड़कर अपनी मतदाता पर्ची को डाइनलोड कर सकते हैं। वोटर टर्नआउट एप में कुल जनसंख्या के अनुपात में बने वोटों की संख्या को देखा जा सकता है। वोटर पोर्टल व वोटर हेल्पलाइन एप मतदाताओं को अपना डाटा देखने की सुविधा प्रदान करते हैं। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए आयोग ने पीडब्ल्यूडी एप लॉन्च किया है। इस एप का प्रयोग कर दिव्यांग अपने नाम, मतदाता पहचान पत्र आदि की जांच कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर इन सभी एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।