20जेएनडी16: रानी तालाब के टूटे हुए गेट को ठीक करते हुए। संवाद
जींद। शहर की ऐतिहासिक धरोहर रानी तालाब की सुंदरता को फिर से जीवंत बनाने का बीड़ा अन्ना टीम ने उठाया है। लंबे समय से बदहाल रानी तालाब में अब मरम्मत, पेंटिंग और साफ-सफाई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
अन्ना टीम के संयोजक सुनील वशिष्ट के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान से शहरवासियों में भी उत्साह दिखाई दे रहा है। एक वर्ष से रानी तालाब की स्थिति खराब बनी हुई थी। तालाब परिसर में जगह-जगह दीवारें टूटी हुई थीं। गंदगी फैली थी और पानी भी सूख चुका था।
अब अन्ना टीम की पहल पर टूटी दीवारों की मरम्मत करवाई गई है और पेंटिंग और अन्य सुंदरीकरण कार्य भी शुरू कर दिया गया हैं। टीम ने नगर परिषद से तालाब में पानी भरवाने की मांग भी की है ताकि इसकी खूबसूरती फिर से लौट सके।
रानी तालाब में शुरू की गई थी नाव चलाने की व्यवस्था
कुछ दिन पहले अन्ना टीम की ओर से तालाब में जमा गाद को ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से निकलवाया गया था। टीम के सदस्यों ने श्रमदान के साथ इस कार्य को पूरा कराया। इससे पहले भी अन्ना टीम के प्रयासों से रानी तालाब में नाव चलाने की व्यवस्था शुरू की गई थी जिसका शहरवासियों ने खूब आनंद लिया। शाम के समय लोग परिवार के साथ यहां घूमने आते थे। वहीं रात में रंगीन फव्वारों की रोशनी से तालाब का दृश्य आकर्षण का केंद्र बन जाता था।
देखरेख के अभाव में बदहाल हुआ रानी तालाब
रानी तालाब शहर की ऐतिहासिक पहचान माना जाता है। वर्षों पहले यह स्थल सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। यहां धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ लोगों के घूमने और मनोरंजन की भी व्यवस्था रहती थी लेकिन देखरेख के अभाव में रानी तालाब बदहाल हो गया।
ऐतिहासिक धरोहरों को बचाना सभी की जिम्मेदारी
अन्ना टीम के संयोजक सुनील वशिष्ट ने कहा कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों को बचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन और नगर परिषद के सहयोग से रानी तालाब को फिर से पर्यटन और आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।