फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: पिछले 10 सालों से बंद पड़ा ढेहा बस्ती की आंगनबाड़ी केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
सफीदों। नगर के वार्ड नंबर 14 स्थित ढेहा बस्ती का आंगनबाड़ी केंद्र पिछले 10 सालों से बंद पड़ा है, लेकिन उसकी कोई सुध सुध लेने वाला नहीं है। हालात ये हो गए हैं कि केंद्र में चारों ओर गंदगी व कूड़े के ढेर हैं। इसके सारे सामान पर धूल जम गई है। इस केंद्र में कई बार सांप व बिच्छू निकल चुके हैं और बच्चों की जान को भी खतरा बन गया है। न तो यहां कोई अधिकारी, न सुपरवाइजर और न ही कोई वर्कर आती है। इस केंद्र में उसके हाल पर रोने के लिए छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि ढेहा बस्ती की चौपाल में सरकार ने इस बस्ती के गरीब बच्चों को शिक्षित करने व उनके बेहतर पोषण के लिए एक राजकीय प्राथमिक स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र की स्थापना की थी। सरकार की सोच तो बेशक अच्छी थी, लेकिन निचले सिस्टम ने उस सोच के उलट चलने का कार्य किया। आंगनबाड़ी न चलने के कारण बस्ती के बच्चे सारा दिन इधर-उधर फिरते हैं। वहीं, यहां पर चल रहे प्राइमरी स्कूल का मास्टर भी वीरवार को बिना किसी राजकीय अवकाश के स्कूल को बंद करके चले गए।
ढेहा बस्ती के प्रधान सतबीर सिंह ने बताया कि यह आंगनवाड़ी इस बस्ती के बच्चों के विकास के लिए बनाया गया था, लेकिन पिछले 10 साल से यहां पर कोई नहीं आता। काफी लंबे अर्से से इस आंगनबाड़ी केंद्र के बंद होने के कारण इसमें रखे सारे झूले टूटे पड़े हैं और सारा फर्नीचर खराब हो चुका है। इसके अलावा यहां पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। गंदगी के ढेर में सांप व बिच्छू निकलते हैं, जो बस्ती निवासियों व उनके बच्चों के जीवन के लिए खतरा बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बस्ती में राजकीय प्राइमरी स्कूल बनाया गया है, लेकिन उसमें बच्चों के लिए पीने के पानी व शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन

बाक्स
स्कूल को ताला लगा गया मास्टर

वीरवार को बस्ती में चल रहे राजकीय प्राइमरी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए आने वाला मास्टर भी स्कूल को ताला लगाकर चला गया। बताया गया कि रात में बस्ती में जागरण था और उसी के कारण स्कूल को बंद कर दिया गया, जबकि वीरवार को कोई सरकारी अवकाश नहीं था।

क्या कहते हैं बीईओ
आंगनबाड़ी का मामला उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है। जहां तक स्कूल बंद करने का मामला है उसकी जांच की जाएगी। स्कूल में पानी व शौचालय की समस्याओं को लेकर व सोमवार को स्कूल का मुआयना करेंगे और एक रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।
-सुरेश कुमार, बीईओ
बाक्स
हरियाणा बाल कल्याण परिषद द्वारा यहां पर पहले क्रेच खोला गया था और बाद में वर्ष 2017 में इस विभाग को हैंडओवर किया गया था। वे इस मामले को अच्छी प्रकार से देखेंगी। फिलहाल सुपरवाइजर कमला व आंगनवाड़ी वर्कर रेनू को इसके निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

-कांता, सीडीपीओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें