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Haryana: महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष सात महिला पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज, नहीं मिला साक्ष्य

Thu, 07 Nov 2024 11:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

सभी महिला कर्मियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में गड़बड़ी मिलने पर आयोग ने उन्हें पीड़ित मानकर बयान के लिए बुलाया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुलिस विभाग के एक आला अफसर के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों की जांच में वीरवार को महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया के समक्ष सात महिला कर्मियों के बयान दर्ज हुए। इसमें मुख्य शिकायतकर्ता महिलाकर्मी नहीं पहुंचीं। 12 दिनों से चल रही पुलिस जांच में अभी महिलाकर्मी की पहचान तक नहीं हो सकी है। इन सात महिलाकर्मी के बयान से आयोग को कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

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सात नवंबर को बयान के लिए महिला आयोग ने बुलाई गई सात महिलाकर्मियों को बयान दर्ज किए। इन सभी महिला कर्मियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में गड़बड़ी मिलने पर आयोग ने उन्हें पीड़ित मानकर बयान के लिए बुलाया था।

वहीं, चिट्ठी में जिस शिकायतकर्ता महिला कर्मी का नाम है उस नाम से जिले में 19 महिला कर्मी तैनात हैं। मुख्य शिकायतकर्ता की पहचान और उनके बयान दर्ज करने के लिए महिला आयोग सभी 19 महिला कर्मियों के बयान दर्ज करेगा। 26 अक्तूबर को सोशल मीडिया पर प्रसारित शिकायती चिट्ठी की पुलिस विभाग ने अगले ही दिन जांच शुरू कर दी थी।
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इससे पहले महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया दावा कर चुकीं है कि कथित तौर पर आरोपी अफसर के बयान दर्ज करने के दौरान उन्हें अहम सबूत मिले हैं। साथ ही अफसर के खिलाफ सोशल मीडिया के जरिए उनके पास शिकायतें आ रही हैं। इन सभी शिकायतों की भी जांच होगी।
 
एडीजीपी ने 10 पुलिसकर्मियों के बयान किए दर्ज
जींद।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच करने वीरवार को एक सप्ताह में दूसरी बार वीरवार को एडीजीपी ममता सिंह के नेतृत्व में टीम जींद पहुंची। जांच कमेटी में एडीजीपी ममता सिंह के साथ डीआईजी संगीता कालिया व फतेहाबाद एसपी आस्था मोदी भी मौजूद रहीं। जांच टीम ने जिले में तैनात लगभग 136 महिला पुलिसकर्मियों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। इनमें लगभग 10 महिला पुलिस कर्मियों के बयान टीम ने दर्ज किए। पुलिस लाइन में जांच टीम ने सभी महिला पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज करने के साथ
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महिला पुलिसकर्मियों की काउंसिलिंग कर उन्हें सच्चाई सामने लाने के लिए प्रेरित किया। 

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