10जेएनडी12: संबोधित करते हुए डॉ. संतरो लांबा। स्रोत संस्थान।
नरवाना। केएम राजकीय महाविद्यालय नरवाना में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग एवं भारतेंदु परिषद के संयुक्त तत्वावधान में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बीए द्वितीय वर्ष की अमिषा ने प्रथम पाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. मीनू सिंह ने की। मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रो.हिंदी डॉ. संतरो लांबा उपस्थित रहे।
प्राचार्य डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि विश्व हिंदी दिवस केवल भाषा का उत्सव नहीं बल्कि सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। हिंदी करोड़ों लोगों की भावनाओं, विचारों और सपनों की अभिव्यक्ति है। मुख्य वक्ता डॉ. संतरो लांबा ने कहा कि विश्व हिंदी दिवस आधिकारिक तौर पर 10 जनवरी 2006 से मनाया जा रहा है।
हिंदी भाषा का स्वरूप अत्यंत समावेशी है जिसने संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश, अरबी, फारसी और अंग्रेजी जैसी भाषाओं के शब्दों को आत्मसात कर अपने वैश्विक स्वरूप को सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों, संयुक्त राष्ट्र संघ, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर हिंदी का बढ़ता प्रयोग इसकी प्रासंगिकता को सिद्ध करता है। भाषण प्रतियोगिता में 15 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष की अमिषा ने प्रथम, बीए प्रथम वर्ष की साक्षी ने द्वितीय और एमए हिंदी की छात्रा बबली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। एमए प्रथम वर्ष की स्वीटी और बीकॉम तृतीय वर्ष के शुभम को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक मंडल में प्रो.राजेश कुमार, डॉ. रविंद्र राही व प्रोफेसर मुकेश शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. जगबीर दूहन ने सभी का आभार व्यक्त किया।