नरवाना। श्री रामा भारतीय कला केंद्र की ओर से नरवाना पुरानी अनाज मंडी रेलवे स्टेशन के पास रामलीला का आयोजन 21 सितंबर से बड़े हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। 20 सितंबर की शाम देशभक्ति ड्रामा व मंच में प्रस्तुत किया जाएगा।
हर वर्ष की भांति इस बार भी रामलीला मंचन की तैयारी जोर-शोर से की गई है। नरवाना वासियों का उत्साह देखते ही बनता है। केंद्र प्रधान भारत भूषण ने कहा कि लोग कहते हैं कि रामलीला के इन दृश्यों के लिए वे साल भर इंतजार करते हैं। राम, लक्ष्मण व सीता माता के चरित्रों के निवास में उतर आने का एक अलौकिक अनुभव होता है।
इस बार अमन वर्मा भगवान राम के रूप में, राम प्रकाश उर्फ प्रताप लक्ष्मण के रूप में और प्रिंस धीमन सीता माता की भूमिका निभाएंगे। इन तीनों की सादगी, आचरण और भाव भंगिमा लोगों के हृदय को छू जाती है। मानो राम, लक्ष्मण और सीता स्वयं मंच पर उपस्थित हों।
भारत भूषण ने बताया कि नरवाना के युवा प्रवीण, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी रामलीला के आयोजन के हिस्सेदार हैं। मंच सजावट, पोशाक, संवाद व गीत-भजन सभी स्थानीय प्रतिभाओं के हाथों तैयार किए गए हैं।
आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष दर्शकों की संख्या और भावनाएं पिछले वर्षों से कहीं अधिक गहरी होंगी। रामलीला के इस पावन आयोजन से नगरवासियों के मधुर मिलन का अवसर मिलेगा। धार्मिक श्रद्धा की अनुभूति होगी और राम, लक्ष्मण व सीता के चरित्रों से जीवन में धर्म, सेवा, त्याग व विश्वास की प्रेरणा मिलेगी।
राम लक्ष्मण और सीता माता का अभिनय क्या दर्शाता है
राम, लक्ष्मण और सीता माता हिंदू धर्म में त्रयी रूप की महिमा रखते हैं। राम को धर्मनाथ कहा गया है। सत्य, श्रद्धा, त्याग और आदर्शों के प्रतीक। उनके छोटे भाई लक्ष्मण ने त्याग और सेवा की मिसाल कायम की। भाई के संग वनवास में साथ चले। हर कठिनाई में बिना शिकायत के सेवा की। सीता माता का चरित्र नारी की मर्यादा, त्याग, धैर्य और सभी विपत्तियों में अटल विश्वास का उदाहरण है। इन त्रिभुज आदर्शों से हर वर्ष रामलीला से लोगों को धार्मिक भावना की अनुभूति होती है, जो उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति और जीवंत प्रेरणा प्रदान करता है।