जींद। इनेलो के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता विजेंद्र रेढ़ू ने कहा कि चैनत गांव में डेढ़ महीने से अधिक समय से ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से पीने के पानी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे जनहित के आंदोलनों को राजनीतिक मंच बनाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
मंगलवार को जारी बयान में रेढ़ू ने आरोप लगाया कि नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने धरना स्थल पर जाकर कंडेला कांड का उल्लेख कर आंदोलन का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेद सिंह लोहान पहले ही लोगों से अपील कर चुके हैं कि आंदोलन को राजनीतिक अखाड़ा न बनने दिया जाए और इसके मूल उद्देश्य को प्रभावित न किया जाए।
रेढ़ू ने आरोप लगाया कि विधायक ने कंडेला कांड को लेकर तथ्यों से परे बयान दिए। उन्होंने कहा कि विधायक द्वारा यह कहना कि कंडेला में कत्लेआम हुआ, नौ लोगों की मौत हुई और तत्कालीन सरकार ने सभी पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा व नौकरी दी। ये सभी दावे तथ्यों की पुष्टि के बिना किए गए हैं। उन्होंने विधायक से इन दावों के सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की।
इनेलो नेता ने कहा कि विधायक जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को तथ्यों के आधार पर ही बयान देना चाहिए। विधायक ने कंडेला गांव और कंडेला खाप की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।