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उचाना नगरपालिक में दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर में गड़बड़ी के आरोप

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ठेकेदारों द्वारा एसडीएम को दी गई शिकायत। - फोटो : Jind
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उचाना नगरपालिका द्वारा करवाए जाने वाले दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों को लेकर कुछ ठेकेदारों ने अधिकारियों पर मिलीभगत कर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत एसडीएम डॉ. राजेश कोथ को की गई है। एसडीएम डॉ. राजेश कोथ ने नगरपालिका के सचिव, एमई व लेखाकार को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।
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उचाना नगरपालिका द्वारा दो करोड़ 17 लाख रुपये से 20 गलियों को पक्का करवाया जाना है। इसके लिए पहले नौ जुलाई की तारीख ऑनलाइन टेंडर के लिए रखी गई थी। अब कुछ ठेकेदारों का आरोप है कि इसे अधिकारियों ने अपनी मर्जी से दस जुलाई कर दिया। इसके लिए तय किया गया कि ऑनलाइन टेंडर सुबह 11 बजे तक दिए जा सकते हैं। सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक नगरपालिका में दस्तावेज जमा करवाए जा सकते हैं। ठेकेदारों के एक गुट का कहना है कि दस्तावेज लेने के लिए पालिका द्वारा सफाई दरोगा को अधिकृत किया गया। इसके लिए कोई इंजीनियर होना चाहिए, ताकि दस्तावेज की जांच सही प्रकार से हो सके।
सफाई दरोगा रैन बसेरा में लेगा टेंडर
ठेकेदारों ने कहा कि नगरपालिका के बाहर नोटिस चस्पा किया गया कि टेंडर के दस्तावेज सफाई दरोगा जयपाल रैन बसेरा में लेगा। यह सही नहीं है। टेंडर नगर परिषद कार्यालय में ही लिए जाने चाहिए थे।
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नहीं मिले अधिकारी, ढूंढते रहे ठेकेदार
ठेकेदारों ने एसडीएम को दी शिकायत में कहा कि वह टेंडर के दस्तावेज जमा करवाने के लिए अधिकारियों को ढूंढते रहा, लेकिन वह मिले नहीं। ठेकेदारों का आरोप है कि अपने चहेतों को टेंडर देने के लिए यह पूरी योजना बनाई गई है।
नहीं खुले टेंडर
हालांकि टेंडर खुलने का समय दस जुलाई दोपहर बाद तीन बजे रखा गया था, लेकिन विवाद के कारण यह टेंडर नहीं खोले जा सके। अब टेंडर खोलने के बारे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
ठेकेदारों के दो गुट मुझसे मिले थे। एक पक्ष कह रहा था कि टेंडर के लिए दस्तावेज जमा करवाने को एक घंटे का समय दिया गया, यह सही नहीं है। दूसरा गुट इसे सही बता रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कार्यालय शिफ्ट किया जा रहा था, जिसके कारण वे नहीं मिले। यह भी गलत है। कार्यालय रविवार या छुट्टी के दिन शिफ्ट किया जाना चाहिए। इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी गई थी। फिलहाल नगरपालिका सचिव, एमई व अकाउंटेंट को नोटिस दिया गया है। पूछा गया है कि यह अव्यवस्था क्यों हुई। तीन दिन में अधिकारियों को जवाब देने को कहा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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डॉ. राजेश कोथ, एसडीए उचाना।
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