जींद। स्कूलों में विद्याथियों को मासिक योजनाओं के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए विद्यार्थियों का डाटा वन स्कूल एप पोर्टल पर अपडेट करने के मौलिक शिक्षा हरियाणा के महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया है।
पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2024-25 के लिए त्रैमासिक स्कीम में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने का मॉड्यूल वन स्कूल एप पोर्टल पर लाइव किया गया है। 24 जनवरी तक डाटा पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इसमें विद्यार्थियों के बैंक खाता संख्या और परिवार पहचान पत्र आईडी को वेरीफाई करने के बाद ही डाटा अपडेट किया जाए। जिन विद्यार्थियों के पहले बैंक खाते गलत हैं, उनको भी ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि बारे किसी प्रकार की लापरवाही के लिए खंड शिक्षा अधिकारी व स्कूल का मुखिया जिम्मेदार होगा।
विद्यार्थियों का पूरा डाटा स्कूल प्राचार्य के स्तर पर ही अपलोड किया जाता है। इसके आधार पर ही निदेशालय द्वारा डाटा डाउनलोड करके पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाता में पीएफएमएस/डीबीटी के माध्यम से राशि जारी की जाती है। इसके अतिरिक्त अगर कोई भी पात्र विद्यार्थी/प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह जाता है तो इसके लिए अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
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यह मिलती है प्रोत्साहन राशि
एचआर-5 व एचआर-6 के तहत बीसीए व बीपीएल के पहली से पांचवीं कक्षा के लड़कों को 225 रुपये, छठी से आठवीं कक्षा के लड़कों को 300 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। पहली से पांचवीं कक्षा की लड़कियों को 450 रुपये और छठी से आठवीं कक्षा की लड़कियों के लिए 600 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। एचआर-64 के तहत 9वीं से 12वीं कक्षा के एससी लड़कों को 750 से 1200 रुपये व लड़कियों को 1200 से 1800 रुपये, एचआर योजना के तहत पहली से पांचवीं कक्षा के एससी लड़कों को 450 रुपये, छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 600 रुपये और पहली से पांचवीं कक्षा की लड़कियों को 675 रुपये व छठी से आठवीं कक्षा की लड़कियों को 900 रुपये त्रैमासिक प्रोत्साहन राशि मिलती है।
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सभी स्कूल मुखियाओं को डाटा अपलोड करने के दिए निर्देश
मासिक योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को उपस्थिति के आधार पर दिया जाता है। इसके लिए विद्यार्थियों का डाटा वन स्कूल एप पोर्टल पर अपलोड करने के लिए सभी स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए गए हैं। सभी स्कूल मुखियाओं को 24 जनवरी तक डाटा अपलोड करना है।
-डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।