जींद। सीएम के आगमन पर सफाई कर्मी शहर की सुध लेना ही भूल गए हैंं। उनका सिर्फ ध्यान उन्हीं जगहों की साफ-सफाई करने का है जहां सीएम आएंगे। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।
शहर में मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सफाई कर्मियों को कार्यक्रम स्थल और प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई के लिए लगाया गया है लेकिन इसका सीधा असर शहर के अन्य इलाकों पर पड़ रहा है। अर्बन एस्टेट में जाट धर्मशाला के पीछे दो से तीन गलियाें में पिछले 12 दिनों से नगर परिषद की डोर-टू-डोर कूड़ा उठान गाड़ी नहीं पहुंची है। लोगों को मजबूरी में अपना कचरा खुले प्लॉटों में फेंकना पड़ रहा है। इससे बदबू और गंदगी से वातावरण दूषित हो रहा है।
अर्बन इस्टेट निवासी विजेंद्र नायडू, अनिल, जगबीर, राज सिंह, नवीन और जितेंद्र ने बताया कि उनकी गली में कूड़ा उठान की गाड़ी लगभग पिछले 12 दिनों से नहीं आ रही। इससे पहले भी गाड़ी अधिकतम दो-तीन दिनों के अंतराल में पहुंच जाती थी लेकिन इस बार लगातार शिकायतों के बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि इसकी शिकायत नगर परिषद को कई बार दर्ज करवाई। सफाई कर्मचारी संदीप समेत अन्य जिम्मेदारों से भी संपर्क किया लेकिन उन्हें केवल यही जवाब मिलता है कि सीएम का कार्यक्रम है। सभी गाड़ियां वहीं लगी हुई हैं। इसके कारण कॉलोनी के लोग सेक्टरों में प्रतिदिन बाइक और स्कूटी पर गंदगी को खुले में डालकर आ रहे हैं।
खाली प्लॉटों में कचरा जमा होने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। मच्छरों की बढ़ोतरी हो रही है और बच्चों व बुजुर्गों का बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। नगर परिषद की ओर से कोई समाधान नहीं किया जा रहा। वह इसकी शिकायत डीसी को देंगे।
बुनियादी सुविधा न मिलना चिंताजनक
वह साल में नगर परिषद को सफाई और कूड़ा उठान के शुल्क का भुगतान करते हैं। इसमें चूल्हा टैक्स भी शामिल है। इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधा न मिलना चिंताजनक है।प्रशासन केवल वीवीआईपी विजिट के दौरान ही सफाई को प्राथमिकता देता है जबकि आम लोगों की सुविधाओं और समस्याओं की उपेक्षा कर दी जाती है। उन्होंने मांग की कि कूड़ा उठान की गाड़ी तुरंत भेजी जाए और नियमित सेवाएं बहाल की जाएं ताकि गली में फैल रही गंदगी पर रोक लग सके।
नगर परिषद की गाड़ी प्रतिदिन शहर में सभी मकानों के बाहर जाती है। गाड़ी पर जीपीएस सिस्टम लगाया हुआ है। प्रतिदिन लोकेशन भी ट्रैक की जाती है। अगर इसके बावजूद भी कहीं पर गाड़ी नहीं जा रही तो वह पता करवाएगा और गाड़ी को कूड़ा उठान के लिए भिजवाया जाएगा।
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ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद, जींद।
19जेएनडी03: शहर के रेलवे रोड पर लगे गंदगी व कूड़े के ढेर। संवाद