जींद। एम्स की आयोजित एमडी परीक्षा (इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपोर्टेंस कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट 2024) में नकल कराते पकड़ा गया जींद का अजीत पहले भी इस प्रकार की नकल करवा चुका है। आगे भी उसकी ऐसी ही योजना थी। देहरादून पुलिस ने फिलहाल उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया है। जल्द ही देहरादून पुलिस जींद में आकर अजीत के बारे में कुछ और जानकारी खंगालेगी। इस पूरे मामले में अजीत ही गिरोह का सरगना है। अजीत कई इंस्टीट्यूट और कंप्यूटर लैब चलाता है और इस प्रकार ऑनलाइन परीक्षाएं करवाता है।
सेक्टर-आठ निवासी अजीत पहले एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर था, लेकिन अधिक पैसे कमाने के चक्कर में उसने ऑनलाइन परीक्षाएं करवाने का गोरखधंधा शुरू कर दिया। धीरे-धीरे अजीत ने एक कंप्यूटर लैब खोली और उसके माध्यम से ऑनलाइन परीक्षाएं करवाकर पैसे कमाता गया। फिलहाल उसके पास तीन से चार लैब तथा तीन कोचिंग सेंटर हैं। अजीत टेलीग्राम के माध्यम से प्रश्नपत्र हल करवा रहा था। उसने प्रश्नपत्र को हल करवाने के लिए एम्स के ही दो डॉक्टराें को दो-दो लाख रुपये में हायर किया था। एमडी की परीक्षा पास करवाने की एवज में उसने अभ्यर्थियों से 50-50 लाख रुपये लिए थे। उसने पांच अभ्यर्थियों से पैसे लिए थे। रविवार को यह लोग देहरादून पुलिस के हाथ लग गए।
पूरे मामले की जांच चल रही है। अजीत की दो कंप्यूटर लैब के बारे में पता चला है। इसके अलावा उसके इंस्टीट्यूट भी बताए जा रहे हैं। जल्द ही मामले की जांच के सिलसिले में उनके घर तथा अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी जा सकती है। जरूरत पड़ी तो देहरादून पुलिस जींद आएगी। -शंकर सिंह बिष्ट, थाना प्रभारी ऋषिकेश।