दो महीने से बंद पड़ी किलोमीटर स्कीम की बसें शुक्रवार से फिर चलने के लिए तैयार हैं। मई में लॉकडाउन लागू होने के बाद से इन बसों को बंद कर दिया गया था। अब मुख्यालय से इनको चलाने की मंजूरी मिल गई है। इससे जहां यात्रियों को फायदा होगा वहीं चालकों को राहत मिली है।
किलोमीटर स्कीम की जींद डिपो में 22 बसें हैं। इन बसों को चलाने के लिए 26 चालक हैं। बसों के नहीं चलने से इनके चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। बस मालिकों द्वारा चालकों को परिवार का पालन-पोषण करने के लिए चार से पांच हजार रुपये दिए जा रहे थे। जबकि एक चालक का वेतन 18 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। अब बसों को चलने से चालकों को पूरा वेतन मिल सकेगा।
जानकारी के लिए कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सरकार ने मई की शुरुआत में लॉकडाउन लगा दिया था। अब स्थिति में काफी सुधार है। ऐसे में सरकार ने किलोमीटर स्कीम वाली बसों को चलाने का आदेश जारी कर दिया है। प्रावइेट बस यूनियन के सदस्य काफी समय से इन बसों को चलाने की मांग कर रहे थे। दरअसल किलोमीटर स्कीम वाली बस पर चालक परिवहन समिति का होता है और परिचालक रोडवेज कर्मचारी होता है। रोडवेज को प्रति किलोमीटर 26.92 रुपये किलोमीटर स्कीम के मालिकों को भुगतान करने का नियम है।
वहीं इस बारे में प्राइवेट बस यूनियन जिला जींद के प्रधान अजय कुमार ने कहा कि जींद डिपो महाप्रबंधक जानबूझकर किलोमीटर स्कीम वाली बसों का परिचालन लेट कर रहे हैं। जबकि हिसार, फतेहाबाद, भिवानी व पलवल डिपो की किलोमीटर स्कीम वाली बसें वीरवार से ऑन रूट हैं। इसके चलते प्राइवेट बस यूनियन के सदस्यों में रोष है। महाप्रबंधक को चाहिए कि वह समय से ही टाइम टेबल बनाकर बसों का परिचालन शुरू करते। हर बार किलोमीटर स्कीम वाली बसों का परिचालन जींद डिपो में लेट होता है। जबकि अन्य डिपो में मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद ही बस चल पड़ती हैं।
मुख्यालय से प्राप्त हुए आदेश
किलोमीटर स्कीम वाली बस चलाने के आदेश मुख्यालय से बुधवार देर शाम प्राप्त को मिले हैं। किलोमीटर स्कीम की बस का टाइम टेबल तैयार कर दिया गया है। शुक्रवार से बसों को चला दिया जाएगा।
वीरेंद्र सिंह, टीएम, जींद डिपो।