जींद। नागरिक अस्पताल में हीमोफीलिया मरीजों के लिए फेक्टर आठ इंजेक्शन समाप्त होने के बाद अब एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक भी खत्म हो गया है। इसके चलते जिन लोगों को कुत्ते, बंदर या किसी अन्य जानवर ने काटा है, उनको वैक्सीन लगवाने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ी। नागरिक अस्पताल में कुत्ते, बंदर या किसी अन्य जानवर के काटने पर लगाई जाने वाली एंटी रेबीज वैक्सीन खत्म हो चुकी है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 30 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आते हैं, लेकिन उनको बाजार से 450 रुपये की खरीदकर यह वैक्सीन लगवानी पड़ रही है। इससे पहले भी कई बार वैक्सीन खत्म होने की स्थिति नागरिक अस्पताल में आ चुकी है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य निदेशालय को वैक्सीन की मांग भेजी है, जल्द ही वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। एंटी रैबीज वैक्सीन जब किसी व्यक्ति को बंदर, कुत्ता या फिर कोई जानवर काट ले, उस समय लगाई जाती है। यदि किसी जानवर के काटने के 48 घंटे अंदर वैक्सीन नहीं लगे तो फिर यह काफी खतरनाक हो सकता है। खासकर कुत्तों में रैबीज के कारण ज्यादा परेशानी होती है। कोई पागल कुत्ता यदि व्यक्ति को काट ले और उसे समय पर वैक्सीन नहीं लगे तो व्यक्ति पागल भी हो सकता है। रेबीज एक घातक बीमारी है जो एक वायरस के कारण होती है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) पर हमला करती है। संक्रमित स्तनधारी रेबीज वायरस को मनुष्यों और अन्य स्तनधारियों तक पहुंचा सकते हैं। एक बार लक्षण प्रकट होने पर रेबीज का कोई इलाज नहीं है। इस समय बंदरों व कुत्तों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है, लोग परेशान हो चुके हैं।
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प्रतिदिन 80 से सौ लोग आते हैं इंजेक्शन लगवाने के लिए
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 50 मरीज कुत्ते, बंदर काटे के इंजेक्शन लगवाने के लिए आते हैं। प्रतिमाह की बात की जाए तो इसकी संख्या 1500 से पार चली जाती है। इनमें प्रतिदिन 20 से 22 इंजेक्शन बीपीएल और आयुष्मान कार्ड धारक लगवाते हैं। इसके अलावा जिन लोगों के बीपीएल या आयुष्मान कार्ड नही बने हैं, उन्हें 100 रुपये की स्लिप कटवानी होती है।
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इसलिए है जरूरी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना
एंटी रेबीज वैक्सीन उस स्थिति में लगाई जाती है जब किसी व्यक्ति को कुत्ते या अन्य पशु ने काट लिया हो। मरीज को 72 घंटे के अंदर वैक्सीन लगवाना आवश्यक होता है। वैक्सीन न लगवाने की स्थिति में रेबीज रोग होने का खतरा हो जाता है। ऐसे में वैक्सीन लगवाना अति आवश्यक होता है। मनुष्य में रैबीज के कारण बेचैनी, खाना-पानी निगलने में दिक्कत होना, सांस लेनें में तकलीफ होती है।
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एआरवी वैक्सीन को लेकर मांग भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि वीरवार तक वैक्सीन नागरिक अस्पताल में उपलब्ध हो जाएगी। फिलहाल अस्पताल में आज ही एंटी रेबीज वैक्सीन खत्म हुई है। आमजन को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-डाॅ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल जींद।