12जेएनडी08-नगराधीश मोनिका कुमारी को ज्ञापन देते अधिवक्ता। स्रोत अधिवक्ता
जींद। एडीजीपी वाई पूरण कुमार के आत्महत्या के मामले में जिला बार के अधिवक्ताओं का भी गुस्सा फूट गया। इसको लेकर अधिवक्ताओं ने नगराधीश को ज्ञापन देकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इसमें आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
अधिवक्ता विनोद टिंडल, रमेश धड़ौली, राजकुमार सरोहा, सतीश नरवाला, पंकज मुंडे, रविंद्र मुंडे और रवि सरोहा ने कहा कि पिछले दिनों एडीजीपी वाई पूरण ने अपने आवास चंडीगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी। उसको काफी समय से वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से प्रताड़ित किया जा रहा था।
उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या करने जैसा कदम उठाया। यह आत्महत्या नहीं बल्कि उनकी हत्या है। अब उनके परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि आरोपियों को पद मुक्त कर उनको गिरफ्तार किया जाए। इसके अलावा पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के ऊपर जूता फेंकने वाले आरोपी पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
आरोपी को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए ताकि भविष्य में किसी भी अनुसूचित जाति के उच्च अधिकारी के मान-सम्मान को ठेस न पहुंचे। इस अवसर पर अधिवक्ता अनिल मेहरा, बिजेंद्र, प्रदीप रोहिला, विनोद, शिशपाल, रोहित अटवाल शमशेर सोलंकी मौजूद रहे।