फोटो 22एसएफडीएम1राष्ट्रीय कीर्ति आह्वान के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट विजयपाल सिंह। संवाद
सफीदों। शहर के महाराजा अग्रसेन चौक के सामने स्थित गोल चक्कर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने के मामले राष्ट्रीय कीर्ति आह्वान के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट विजयपाल सिंह ने कहा कि महाराजा अग्रसेन चौक केवल एक भौतिक स्थान नहीं बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक धरोहर, सामाजिक आस्था और ऐतिहासिक पहचान का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि करीब 25 वर्ष पहले सफीदों के पुराने बस स्टैंड पर इस चौक का निर्माण अग्रवाल समाज के बुजुर्गों की पहल और सहयोग से किया गया था। उस समय समाज ने मिलकर इसे एक विशेष पहचान दी जो आज भी उतनी ही मजबूती से कायम है।
उन्होंने कहा कि इस चौक पर स्थापित महाराजा अग्रसेन की भव्य प्रतिमा वर्षों से समाज के सम्मान, विश्वास और गौरव का केंद्र बनी हुई है। यह केवल अग्रवाल समाज ही नहीं, बल्कि पूरे शहर और 36 बिरादरी के लोगों के लिए श्रद्धा का प्रतीक है। ऐसे में इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थल के सामने किसी अन्य प्रतिमा की स्थापना करना उचित नहीं माना जा सकता।
एक ही स्थान पर कई प्रतिमाओं की स्थापना उस स्थान की मौलिकता और गरिमा को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सामाजिक दृष्टि से यह अधिक उचित है कि एक चौक एक ही महापुरुष की विचारधारा और संदेशों से जुड़ा रहे। संवाद