जींद। जिला परिषद की चेयरपर्सन की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान के बाद अब विकास कार्यों के लिए बजट वितरण के लिए रखी गई बैठक भी रद्द हो गई है। साढ़े तीन करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए पार्षदों में वितरित की जानी थी। इसके लिए छह दिसंबर की तारीख तय की गई थी, लेकिन जिला परिषद के सीईओ एडीसी विवेक आर्य ने एक दिन पहले ही प्रशासनिक कार्यों का हवाला देकर बैठक को रद्द करने का पत्र जारी किया है।
जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ 3 दिसंबर को 18 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव डीसी मोहम्मद इमरान रजा को दिया था। इसे लेकर डीसी ने 13 दिसंबर को हाउस की बैठक बुलाई है। इसमें जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ दिए अविश्वास को लेकर मतदान होगा। कुर्सी बचाने के लिए चेयरपर्सन को नौ पार्षदों की जरूरत है तो उनको कुर्सी से हटाने के लिए 17 पार्षदों की जरूरत होगी। फिलहाल दोनों पक्ष अपने को मजबूत मान रहे हैं। इस घटनाक्रम से पहले 26 नवंबर को ही जिला परिषद की ग्रांट वितरण की बैठक बुलाने के लिए पत्र जारी किया था। इसमें छह दिसंबर को सभी पार्षदों को क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों के लिए बजट राशि वितरित दी जानी थी। अब इस बैठक के रद्द होन से जिले में विकास कार्यों पर रोक लगेगी।
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भाजपा नेताओं के संपर्क में सभी पार्षद
चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देने वाले सभी पार्षद भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। तीन दिसंबर को डीसी को अविश्वास प्रस्ताव देने के लिए पहुंचे पार्षदों का नेतृत्व भी भाजपा के स्थानीय नेता कर रहे थे। इसके बाद सभी पार्षदों को सीएम से मिलवाने के लिए चंडीगढ़ ले जाया गया था।
बैठक रद्द होने से रुकेंगे विकास कार्य : मनीषा
जिले के विकास को गति देने के लिए बैठक रखी गई थी। इस बैठक में साढ़े तीन करोड़ रुपये की ग्रांट वितरित की जानी थी। इससे जिले के गांवों में लोगों की सुविधा व आवश्यकतानुसार खर्च किया जाना था। इसके लिए पार्षदों से पहले एस्टीमेट भी मंगवाए गए थे, लेकिन प्रशासनिक कार्यों का हवाला देकर बैठक को रद्द किया गया। इससे गांवों के विकास पर रोक लगेगी।
मनीषा रंधावा चेयरपर्सन जिला परिषद जींद।