जींद। उचाना खंड के गांव शामदो के राजकीय स्कूल में आयोजित रात्रि ठहराव कार्यक्रम में मंगलवार देर शाम एडीसी प्रदीप कुमार ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया गया।
कार्यक्रम में बिजली आपूर्ति, सड़कों की मरम्मत, स्वच्छता, पेयजल किल्लत, शिक्षा व्यवस्था, परिवार पहचान पत्र में सुधार, वोटर कार्ड, अंबेडकर भवन की चारदीवारी, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत बैंक खाता परिवर्तन, रोजगारी भत्ते समेत 67 शिकायतें आईं।
एडीसी ने अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया और शेष गंभीर प्रकृति की शिकायतों के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
एडीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में शुरू किया गया रात्रि ठहराव कार्यक्रम शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने की एक बेहतरीन पहल है। उन्होंने कहा कि अक्सर ग्रामीण छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काटते हैं लेकिन इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरा प्रशासनिक अमला खुद गांव में उपस्थित रहकर समस्याओं को सुनता है और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करता है।
एडीसी नेअधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन समस्याओं के समाधान में बजट की आवश्यकता नहीं है, उन्हें तुरंत हल किया जाए। वहीं, जिन मामलों में प्रशासनिक स्वीकृति या बजट की जरूरत है उनकी विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी आगामी दो दिनों में स्वयं स्थल निरीक्षण करें। यदि कोई प्रार्थी किसी योजना के लिए पात्र नहीं पाया जाता, तो उसे स्पष्ट रूप से पात्रता की शर्तों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जाए ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे।
रात्रि ठहराव के दौरान विभिन्न विभागों ने स्टाल लगाकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की भजन मंडली ने लोकगीतों के माध्यम से ग्रामीणों का मनोरंजन करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। गांव के सरपंच ने ग्राम पंचायत की ओर से एक मांग पत्र भी सौंपा, जिस पर एडीसी ने कार्यवाही का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उचाना के एसडीएम दलजीत सिंह, नगराधीश (सीटीएम) मोनिका रानी, डीआरओ राजकुमार, डीडीपीओ संदीप भारद्वाज सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।