जींद। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। विभाग ने करीब 200 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें जागरूकता अभियान चलाने, रक्त के सैंपल लेने और डेंगू लार्वा की जांच करेंगी।
जिला स्तर से लेकर सीएचसी और पीएचसी स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने संभावित मरीजों की जल्द पहचान और समय पर उपचार को प्राथमिकता दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जुलाई से अक्तूबर तक जिले की कुल आबादी के 0.7 प्रतिशत लोगों के रक्त के सैंपल लिए जाएंगे। इसके अलावा अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले करीब 10 प्रतिशत मरीजों की भी जांच की जाएगी।
नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार किया गया है। वहीं मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए जरूरी दवाओं और फॉगिंग सामग्री का पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध करवाया गया है।
आसपास पानी जमा न होने दें, साफ-सफाई बनाए रखें
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई बनाए रखने और बुखार होने पर तुरंत जांच करवाने की अपील की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जहां भी डेंगू का लार्वा मिलेगा वहां संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत छिड़काव कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में डेंगू का अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
संदिग्ध मरीजों की जांच सुनिश्चित की जाए
सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में नियमित सर्वे कराया जाए और संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच सुनिश्चित की जाए। आशा वर्कर, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्जन
आमजन से अपील की है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं। डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए हर स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है।
-डॉ. बिजेंद्र ढांडा, नोडल अधिकारी डेंगू व मलेरिया जींद।