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सफीदों नपा के प्रधान समेत तीन पर लगाए ठेकेदार से 25 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप

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नगरपालिका भ्रष्टाचार के मामलों में कई बार सुर्खियों में आती रही है। इससे पहले नपा प्रधान सेवाराम सैनी के प्रतिद्वंद्वी रहे पार्षद गौरव रोहिल्ला नपा को विवादों में घेरे रखते थे। अब गौरव रोहिल्ला और सेवाराम के बीच सुलह होने के बाद ठेकेदार और भाजपा के एक कार्यकर्ता नपा के खिलाफ खड़े हो गए। ठेकेदार और चेयरमैन ने एक दूसरे पर आरोप लगाए।
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सफीदों के रेस्ट हाउस में पत्रकार से बातचीत में भाजपा के पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गांव बहादुरपुर निवासी रोशन लाल राणा और ठेकेदार आशू ने नपा पदाधिकारियों पर टेंडर के नाम पर 25 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाए कि सफीदों नगरपालिका के कुछ अधिकारी पहले से ही बनी हुई कई गलियों के टेंडर लगा सरकारी पैसे को हजम कर रहे हैं। जिसमें गुरु गोविंद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल वाली गली, बाट कॉलोनी में मंदिर वाली गली, जोकि पहले से ही बनी हुई हैं और उसकी मुरम्मत करवाकर बाद में टेंडर लगवा दिए जोकि नियम के खिलाफ है। शिकायतकर्ता रोशन लाल राणा ने कहा कि सफीदों नगरपालिका चेयरमैन, एमई और सचिव द्वारा मिलकर टेंडर भरने वाले ठेकेदारों से 25 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। जो पैसे दे देता है उसके के नाम टेंडर दे दिए जाते हैं।
13 जून को डीजी अर्बन बॉडीज को दी थीं शिकायतें
ठेकेदार आशू शर्मा और रोशन लाल राणा ने बताया कि आशू को नपा प्रधान ने नई अनाज मंडी में अपनी दुकान पर बुलाकर कहा कि अगर शहरी विकास कार्यों के टेंडर अपने नाम छुटवाते हैं तो 25 प्रतिशत कमीशन देना होगा। आशू ने जब मना कर दिया तो पानीपत एक फर्म से मिलीभगत करके उसके नाम टेंडर छोड़ दिए। जिसके बाद उन्होंने 13 जून को डीजी अर्बन बॉडी को शिकायत लगाई। जिसके बाद सभी 27 करोड़ के टेंडर गलत होने पर रद्द कर दिए।
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36 करोड़ रुपये की ग्रांट पर भी भ्रष्टाचार का साया
इन लोगों ने आरोप लगाए कि सरकार ने हाल ही में सभी वार्डों के विकास और शहर के विकास के लिए 36 रुपये करोड़ की ग्रांट दी है। उसका उपयोग विकास की बजाए घोटालों में प्रस्ताव पास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा नपा के पदाधिकारियों ने इस प्रस्ताव में भी पहले से ही रखे हुए 100 डस्टबिन शामिल कर लिये। ऐसे में जब पहले काम करके बाद में प्रस्ताव रखकर पास किया जा रहा है जो ई टेंडरिंग का क्या फायदा। साथ ही पार्षदों और प्रधान नाम बोर्डों में भी लाखों को घोटाला हुआ। इसकी शिकायत वह मुख्यमंत्री और महानिदेशक शहरी निकाय विभाग को करेंगे। साथ ही नियमों के हिसाब से गलियों और नालियों में दबने वाले पाइप आईएसआई मार्का वाले होने चाहिए थे उनका वजन भी 45 किला ग्राम होना चाहिए था लेकिन जो पाइप गलियों में दबाए हैं वे बिना आईएसआई मार्का के और 25 किलोग्राम वजन के हैं। रोशन लाल ने कहा कि इन घोटालों की जांच के लिए एसडीएम सफीदों को शिकायत दी गई है। एसडीएम ने जांच का आश्वासन दिया है।
खुद पर लगे गंभीर आरोपों के बाद नगरपालिका प्रधान सेवा राम सैनी भी सामने आए और पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने किसी ठेकेदार से कोई कमीशन नहीं मांगा। सभी टेंडर ई-टेंडरिंग के माध्यम से छूटते हैं। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं रहती। कमीशन के आरोप को पूरी तरह से खंडन करते हुए कहा कि रोशन लाल दो नंबर के काम करता है तथा नौकरियां लगवाने व अन्य कामों के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठता है। उन्होंने कहा पाइप वाली उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है अगर कोई शिकायत करता है तो वह खुद भी जांच करने के लिए तैयार हैं और अपनी जांच में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
पार्षद गौरव रोहिला ने कहा कि गुरु गोविंद स्कूल वाली गली उनके वार्ड में आती है। उस गली में सीवरेज दबने से काफी परेशान आ रही थी। जिसमें कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती थी इसलिए उसको पहले बनवाना गया था। इसके लिए किसी दुर्घटना का इंतजार नहीं किया जा सकता।
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