विदेशी महिला के नाम पर फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपी सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के थालूगढ़ी निवासी श्याम चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे छह दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
अर्बन इस्टेट निवासी अजय ने दो मार्च को जींद सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि आरोपी ने अपने जाल में फंसाकर उसके 35 लाख रुपये हड़प लिए है । उसने बताया था कि 26 जनवरी को उसकी फेसबुक आईडी पर मारिया विल्सन के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। जब उसने उसे स्वीकार किया तो उसने चैटिंग शुरू कर दी। मारिया ने व्हाट्सएप नंबर मांगकर उस पर चैट करने लगी। उसने उसे अपनी बातों में उलझा कर छह फरवरी को कहा कि वह उसके पास 60 हजार अमेरिकी डॉलर गिफ्ट में भेज रही है। डॉलर उसने पार्सल कर दिए हैं। आठ फरवरी को प्रियंका नाम की महिला का फोन आया कि वह इंदिरा गांधी एयरपोर्ट की कस्टम अधिकारी बोल रही है। उसने बताया कि पार्सल पर 35800 रुपये चार्ज लगेगा। उसने हेमंत चौधरी का खाता नंबर दिया, जिसमें उसने रुपये भेज दिए। रुपये जमा करवाने के थोड़ी देर के बाद प्रियंका का फोन आया कि पार्सल में अमेरिकी डॉलर हैं, इसलिए इस पर एक लाख रुपये का टैक्स लगेगा। उसने वह राशि भी प्रियंका द्वारा बताए गए खाते में डाल दिए। इसके बाद नौ फरवरी को दोबारा से फोन आया कि जो अमेरिकी डॉलर पार्सल से मंगवाएं गए हैं वह मनी लॉन्ड्रिंग में आता है। इसलिए केस से बचने के नाम पर पहले तो 4.68 लाख रुपये और बाद में 2.68 हजार रुपये खाते में डलवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने केस में फंसाने की धमकी देकर उससे 3510809 रुपये हड़प लिए। इसके बाद आरोपियों ने आरबीआई के गवर्नर के हस्ताक्षर वाला रिलीज ऑर्डर भेजकर अपना मोबाइल बंद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में प्रियंका नाम की महिला को नामजद करके अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
खुद पैसे देकर दिव्यांग के नाम पर बैंक में खुलवाया खाता
आरोपी श्याम चौधरी ने इस तरह से लोगों को अपनी जाल में फंसाने के लिए गांव के ही मासूम लोगों के खाते और मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अपने गांव के ही दिव्यांग सुमेत चौधरी के नाम पर एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवा लिया। इस खाते में मोबाइल नंबर किसी दूसरे साथी का दिया। खाते के पैसे भी सुमेत को खुद श्याम चौधरी ने ही दिए थे। इसी तरह से गांव के ही हेमंत चौधरी के खाते में पैसे डलवाए थे।
गिरोह में कई लड़कियां शामिल
पुलिस के अनुसार इस गिरोह में श्याम चौधरी ने कई लड़कियों को शामिल किया है। जिनको कभी कस्टम अधिकारी बनाता था तो कभी किसी युवक को फंसाकर उसके साथ बात करवाता था। जब भी खाते में राशि डाली जाती तो उसको श्याम चौधरी तुरंत निकलवा लेता था।
कंपनी में करता था नौकरी, एक या दो घंटे के लिए कभी कभार जाता था
शहर थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार के अनुसार श्याम चौधरी यूपी में ही एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। वह सप्ताह में एक या दो दिन एक से दो घंटे के लिए जाता था। इसके अलावा कंपनी से पिछले छह माह से वेतन भी नहीं लिया। जब भी कंपनी का मालिक उसे वेतन के बारे में पूछता तो वह पैसे को एक साथ लेने की बात करके मना कर देता था। अब आरोपी को छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान उसके अन्य साथियों का पता लगाने के अलावा राशि भी बरामद की जाएगी।
एसआईटी बनाकर सौंपी थी डॉ. सुनील कुमार को जांच
डीआईजी ओपी नरवाल ने इस मामले की जांच के लिए शहर थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने खातों की पड़ताल की और उनके माध्यम से ही आरोपी श्याम चौधरी तक पहुंची। जांच के दौरान आरोपी श्याम चौधरी का नाम सामने आया और पुलिस ने उत्तर प्रदेश में छापा मारकर उसे काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। जहां से उसे छह दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य साथियों व ठगी गई राशि को बरामद किया जा सके।