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जींद में हादसा: जुलाना के वार्ड नंबर 13 में  मकान में लगी आग, झुलसने से एक युवक और भैंस की मौत

Sat, 13 Sep 2025 10:54 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, जी

सार

मृतक साहिल का पिता सुनील दिहाड़ी का काम करता है। सुनील  मजदूरी कर अपने दोनों बेटों को पढ़ा रहा था। साहिल 12 वीं की परीक्षा पास कर महम में लैब टेकनिशियन का कोर्स कर रहा था। साहिल के कोर्स को पूरा होने में मात्र तीन महीने ही बचे थे।
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मृतक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कस्बे के वार्ड 13 में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। वार्ड 13 निवासी दीपक के मकान में सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर अचानक आग लग गई। हादसे में 22 वर्षीय युवक साहिल की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं घर में बंधी एक भैंस भी आग की चपेट में आकर जिंदा जल गई। दीपक के मकान में तुडें के कमरे में आग लगने की सूचना पाकर आस पास के लोग आग बुझाने के लिए दौड़े और फायर ब्रिगेड  और पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

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आग इतनी भयंकर थी कि थोड़ी देर में ही धुएं का गुबार उठ गया। पड़ोस के युवक रवि, पंकज, दीपक, साहिल तुडे़े के कमरे की छत को उखाड़ने में लगे हुए थे। कमरे की छत लकड़ी की कडियों और फटियों की थी। अचानक छत की कड़ियां जलकर छत धड़ाम से नीचे गिर गई। छत गिरने से साहिल भी नीचे गिर गया और मलबे के नीचे दब गया और बुरी तरह झुलस गया। जब तक उसे  बाहर निकाला जाता तब तक साहिल की मौत हो चुकी थी। साहिल को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

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मजदूर पिता के सपनों पर फिरा पानी
मृतक साहिल का पिता सुनील दिहाड़ी का काम करता है। सुनील  मजदूरी कर अपने दोनों बेटों को पढ़ा रहा था। साहिल 12 वीं की परीक्षा पास कर महम में लैब टेकनिशियन का कोर्स कर रहा था। साहिल के कोर्स को पूरा होने में मात्र तीन महीने ही बचे थे। जबकि साहिल का बड़ा भाई बीए पास कर चुका है। सुनील को उम्मीद थी कि साहिल कोर्स पूरा कर उनके परिवार का गुजर बसर सही ढंग से चलाएगा लेकिन हादसे के बाद सुनील के सपनों पर पानी फिर गया।  साहिल की मौत से जुलाना में मातम छा गया।
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अगर फायर ब्रिगेड की गाड़ी समय पर आती तो बच जाती साहिल की जान
मृतक साहिल के चाचा पंकज ने आरोप लगाया कि सूचना के 45 मिनट बाद फायर ब्रिगेड पहुंची। अगर गाड़ी समय पर आती तो साहिल की जान बच जाती। साहिल छत से गिरने के बाद भी लगभग 30 मिनट तक मलबे में दबा रहा। आस पास के लोगों ने ही साहिल को बाहर निकाला लेकिन तब तक  देर हो चुकी थी।

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