जींद। नागरिक अस्पताल के गायनी वार्ड में महिलाओं की अनेदखी व रेफर के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। गायनी पर अस्पताल प्रशासन का नियंत्रण न के बराबर है। इसके कारण अस्पताल को मुख्यालय ने भी कई बार नाराजगी जताई है। ऐसा ही मामला अब सामने आया है।
प्रसव पीड़ा होने पर राज कॉलोनी से महिला वर्षा को परिजन नागरिक अस्पताल के गायनी वार्ड में ले गए थे। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक ने उनको अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट मांगी तो वह उनके पास नहीं थी।
इस पर एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भेज दिया गया जहां से उनको रिपोर्ट दी तो उसको देखकर चिकित्सक ने बताया कि उनकी डिलीवरी 22 अगस्त को होनी है। अभी कोई परेशान नहीं है।
इस पर वर्षा व उसकी सास ने कहा कि दर्द ज्यादा है। इसको दाखिल करें ताकि आराम आने पर घर जा सकें लेकिन चिकित्सक ने उनको न तो दाखिल किया और न ही किसी तरह का उपचार दिया।
जब वह अस्पताल से ऑटो में बैठकर घर गए तो रास्ते में दर्द भी ज्यादा बढ़ गया और घर जाते ही वर्षा को नॉर्मल डिलीवरी से बच्चा हो गया। इसको लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
महिला वर्षा व उसकी सास ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के कारण उसकी बहू व बच्चे की जान को खतरा हो गया था। इतनी बड़ी लापरवाही करने वाली चिकित्सक पर कार्रवाई की जाए।
बर्थ सर्टिफिकेट में आई दिक्कत
बच्चे का जन्म घर पर होने के कारण बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने में भी दिक्कत आई। दो दिन जन्म प्रमाण के लिए अस्पताल में परिजन आए। इसके बाद जब मामला सिविल सर्जन के संज्ञान में आया तो उन्होंने कमेटी बनाकर बर्थ सर्टिफिकेट जारी करवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा आशा व एएनएम से जानकारी ली जा रही है।
वर्जन
इस बारे में चिकित्सक से पूछताछ की गई है। सामने आया था कि महिला की जांच की गई थी। उस समय उनके हालात डिलीवरी के नहीं थे। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की जांच आने पर सामने आया कि 22 अगस्त तक डिलीवरी होनी है। महिला ने यह भी नहीं बताया कि प्रसव पीड़ा ज्यादा हुई है। अस्पताल से जाने के बाद रात को बच्चा हुआ है। इसमें आशा वर्कर व क्षेत्र की एएनएम से सहायता क्यों नहीं ली। यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। इसके बारे में भी जानकारी ली जा रही है।
डॉ. सुमन कोहली सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।