संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन को बुधवार को भंभेवा से जींद जंक्शन पर ले जाकर ट्रेन के साथ जोड़ दिया गया है। रेलवे के तकनीकी कर्मचारी पूरे दिन जंक्शन पर ही जुटे रहे। इंजन को जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा गया।
हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के तहत स्थापित भंभेवा हाइड्रोजन प्लांट में हालांकि तकनीकी चुनौती सामने आई। प्लांट में लगा कंप्रेशर चलते-चलते अचानक बंद हो जा रहा है। इससे संचालन में बाधा आ रही है। इस तकनीकी खामी की जांच के लिए विशेषज्ञ टेक्नीशियन को बुलाया गया है।
जानकारी के अनुसार, चेन्नई से पहुंची मेधा कंपनी की तकनीकी टीम कंप्रेशर में आ रही कमी की गहन जांच करेगी और जल्द समाधान निकालने का प्रयास करेगी। रेलवे अधिकारियों ने भंभेवा में हुई तकनीकी जांच को इंजन की प्रारंभिक जांच संतोषजनक बताई।
इंजन में ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी क्षमता, ऊर्जा दक्षता और सुरक्षा मानकों की छह दिनों तक बारीकी से जांच की गई। परीक्षण के दौरान इंजन के प्रदर्शन को विभिन्न परिस्थितियों में परखा गया जिसमें वह सफल रहा।
हाइड्रोजन ट्रेन भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल और कम प्रदूषण वाली परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी। तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद जल्द ही इस ट्रेन के नियमित ट्रायल की तैयारी की जाएगी। जींद और आसपास के क्षेत्र के लिए यह परियोजना रेलवे के इतिहास में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।