जींद। नरवाना क्षेत्र के लाखों लोगों को जल्द ही बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। नरवाना में पहले 50 बेड का नागरिक अस्पताल था जिसे अब बढ़ाकर 100 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल बनाने की योजना तैयार की गई है।
लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए लगभग 107 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज दिया है। अब मुख्यालय भेजा जाएगा। लंबे समय से जर्जर हो चुके पुराने भवन के कारण नए अस्पताल की मांग चल रही थी जिसे अब मंजूरी और निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मिली है।
अब लोगों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रस्तावित 100 बैड का अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
नई योजना के तहत अस्पताल में विशाल ओपीडी ब्लॉक बनाया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में मरीजों की जांच और परामर्श आसानी से हो सकेगा। साथ ही आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करते हुए अत्याधुनिक आपातकालीन (इमरजेंसी) विभाग स्थापित किया जाएगा जिसमें गंभीर मरीजों के लिए तुरंत उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू और विभिन्न रोगों के इलाज के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए जाएंगे। जिससे मरीजों को बेहतर देखभाल और सुविधाएं मिल सकें।
अस्पताल में अलग-अलग वार्डों की व्यवस्था की जाएगी जिसमें पुरुष, महिला और बच्चों के लिए पृथक सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक से लैस ऑपरेशन थिएटर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, ऑर्थोपेडिक, मेडिसिन, सर्जरी, नेत्र, ईएनटी और दंत चिकित्सा जैसी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इसके अलावा डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी और सीटी स्कैन जैसी सेवाएं शामिल की जाएंगी।
सुव्यवस्थित फार्मेसी और दवा वितरण केंद्र भी बनाया जाएगा
रोगों की सटीक पहचान और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक पैथोलॉजी लैब, बायोकेमिस्ट्री लैब, माइक्रोबायोलॉजी लैब और ब्लड बैंक की सुविधा भी विकसित की जाएगी। मरीजों को दवाएं समय पर उपलब्ध कराने के लिए सुव्यवस्थित फार्मेसी और दवा वितरण केंद्र भी बनाया जाएगा। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी विशेष सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। उनके लिए विश्राम कक्ष, ड्यूटी रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल, प्रशिक्षण कक्ष और प्रशासनिक कार्यालय बनाए जाएंगे। जिससे चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार हो सके।
हरित वातावरण की विशेष व्यवस्था की जाएगी
अस्पताल भवन को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया जाएगा। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट, रैंप, प्रतीक्षालय, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और हरित वातावरण की विशेष व्यवस्था की जाएगी। आधुनिक अग्निशमन प्रणाली और डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम भी स्थापित किए जाने की योजना है।
वर्जन
नए अस्पताल के निर्माण से नरवाना ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। लंबे समय से लंबित इस योजना को लेकर वह मंत्री कृष्ण बेदी से मिले थे। उनके सहयोग से यह सभंव हो पाई। हरियाणा निवास पर संबंधित विभागों की बैठक लेकर सीएम से इसकी मंजूरी दिलवाई। अब मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। नरवाना में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।
-डाॅ. रमेश पांचाल, डिप्टी सीएमओ, नागरिक अस्पताल एवं भवन निर्माण योजना अधिकारी।
07जेएनडी26: डॉ. रमेश पांचाल।