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Jind News: 60 करोड़ से बना शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, नहीं खुलीं दुकानें और आय शून्य

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जींद। नगर परिषद के पुराने कार्यालय परिसर में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स साढ़े तीन साल बाद भी उपयोग में नहीं आ पाया है। अब तक नगर परिषद को एक रुपये की भी आमदनी नहीं हुई है।
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मुख्यालय से मंजूरी नहीं मिलने के कारण कॉम्प्लेक्स के 44 शोरूम और दुकानों की न तो बिक्री हो सकी है और न ही इन्हें किराये पर देने की प्रक्रिया शुरू हो पाई है। इस कारण नगर परिषद को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नगर परिषद ने पुराने कार्यालय परिसर को आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से इस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य पूरा हुए करीब साढ़े तीन साल बीत चुके हैं लेकिन अभी तक इसका उपयोग शुरू नहीं हो पाया है।
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परिषद की हाउस बैठक में कॉम्प्लेक्स को बेचने का प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है। इसके बाद दुकानों और शोरूम की आरक्षित कीमत तय कराने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से मूल्यांकन कराया गया।
पीडब्ल्यूडी के प्रारंभिक आकलन में कॉम्प्लेक्स की कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी जो समय के साथ बढ़कर करीब 60 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। नगर परिषद प्रशासन ने बिक्री और पट्टे पर देने, दोनों विकल्पों से जुड़े प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजे हैं लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। इसके चलते पूरी योजना अधर में लटकी हुई है।
नतीजतन, भवन खाली पड़ा है और उसके रखरखाव पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो करोड़ों रुपये की यह संपत्ति समय के साथ जर्जर होने का खतरा बढ़ जाएगा। संवाद
44 शोरूम और बेसमेंट पार्किंग से लैस है कॉम्प्लेक्स
करीब 1800 वर्ग गज क्षेत्र में बने कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट पार्किंग की सुविधा है। इसके ऊपर तीन मंजिलों में कुल 44 शोरूम तैयार किए गए हैं। इसके अलावा कॉन्फ्रेंस हॉल और कैंटीन की व्यवस्था भी की गई है। नगर परिषद की योजना है कि कॉन्फ्रेंस हॉल को निर्धारित शुल्क पर सामाजिक, व्यावसायिक और अन्य आयोजनों के लिए उपलब्ध कराया जाए। कॉम्प्लेक्स के शुरू होने के बाद नगर परिषद को दुकानों की बिक्री, किराये, लाइसेंस शुल्क और अन्य सेवाओं से नियमित राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस आय का उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जा सकेगा।
एक ही स्थान पर आधुनिक बाजार और विभिन्न सुविधाएं मिलेंगी
घंटाघर क्षेत्र शहर का प्रमुख व्यावसायिक इलाका है। ऐसे में कॉम्प्लेक्स के शुरू होने से शहरवासियों को एक ही स्थान पर आधुनिक बाजार और विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। बेसमेंट पार्किंग शुरू होने से बाजार क्षेत्र में पार्किंग की समस्या भी कम होने की संभावना है।
मंजूरी मिलते ही शुरू होगी बिक्री प्रक्रिया : चेयरपर्सन
नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने बताया कि कॉम्प्लेक्स को बेचने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जा चुकी है। इसके लिए रिमाइंडर भी भेजे गए हैं लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। अनुमति मिलते ही बिक्री प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और इससे प्राप्त होने वाली आय को शहर के विकास कार्य पर खर्च किया जाएगा
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