23जेएनडी25-वेट लिफ्टर दीपक लाठर के परिजन हवन करते हुए। संवाद
जुलाना। शादीपुर गांव में अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर दीपक लाठर के घर उनकी गाय के निधन पर परिवार ने हवन कर तेहरवीं की रस्म पूरी की। परिवार के लोगों ने गाय को श्रद्धांजलि अर्पित की। दीपक लाठर ने बताया कि 13 मार्च को अचानक हृदय गति रुकने से उनकी गाय का निधन हो गया था। इससे उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि उनके घर में गाय को केवल एक पशु नहीं बल्कि माता के रूप में पूजा जाता था। परिवार के सभी सदस्य उससे गहरा लगाव रखते थे और उसकी देखभाल पूरी श्रद्धा और प्रेम से करते थे। दीपक के पिता बिजेंद्र लाठर ने बताया कि पिछले दो वर्षों से गाय उनके परिवार का हिस्सा थी। वह घर के हर सदस्य के लिए बेहद खास थी।
दीपक लाठर ने बताया कि वह अपने खेल जीवन में प्राकृतिक चीजों पर ज्यादा भरोसा करते हैं। उनका मानना है कि गाय का दूध और घी शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है। गाय का घी शरीर को ताकत देने के साथ-साथ चोटों से उबरने में भी मदद करता है इसलिए वह इसे अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा मानते हैं।
हवन कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की गई और गाय की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। परिवार ने बताया कि गाय के साथ उनकी कई भावनात्मक यादें जुड़ी हुई हैं, जिन्हें वे कभी नहीं भूल पाएंगे।